Friday , July 20 2018

मुख्यमंत्री योगी को नहीं पहचान पाये बच्चे, बोले- यह तो बाबाजी हैं

Lucknow: UP Chief Minister Yogi Adityanath arrives for a cabinet meeting at Lok Bhawan in Lucknow on Wednesday. PTI Photo by Nand kumar (PTI3_22_2017_000223B)

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बहजोई के नजदीक मदारा गांव के परिषदीय स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे तो कुछ ही पलों में उन्होंने बच्चों से अपनत्व का रिश्ता कायम कर लिया। पहले बच्चे योगी आदित्यनाथ को देखकर सहम रहे थे मगर बाद में खुलकर उनके सवालों के जवाब देने लगे। योगी ने सबसे पहले बच्चों के  नाम पूछे,फिर पूछा कि स्कूल में कुछ खाने को मिला है या नहीं। उन्होंने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए कहा-खूब पढ़कर आगे बढ़ो, देश का नाम रोशन करो। इसी दौरान एक वाक्या यह भी हुआ कि एक कक्षा में बच्चे अपने मुख्यमंत्री को पहचान ही नहीं पाये।  राज्यमंत्री गुलाब देवी ने मुख्यमंत्री की तरफ इशारा कर बच्चों से पूछा कि यह कौन हैं तो कुछ देर सहमने  के बाद कुछ बच्चे कहने लगे यह बाबा जी हैं। मुख्यमंत्री को बच्चे नहीं पहचान पाए।

 

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख, राज्यमंत्री गुलाब देवी,सांसद सत्यपाल सैनी व एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त के साथ पौने ग्यारह बजे के गांव मदारा के प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण के लिए पहुंचे। वहां कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं ने पुष्पवर्षा से उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री स्कूल परिसर में बनी पंचवटी में अशोक के पौधे रोपे। और फिर वह अकेले ही कक्षा 5 के छात्र-छात्राओं से रूबरू होने पहुंच गये। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों से संवाद करते हुए एक के बाद एक सवाल किये। सिलसिला शुरु करते हुए पूछा कि बच्चों तुम्हारा नाम क्या है। इसके बाद पूछा स्कूल रोज आते हो। बच्चों ने हां में जवाब दिया तो फिर मुख्यमंत्री ने कहा अरे तुम्हारी कक्षा में बस इतने ही बच्चे हैं। जब पूछा कि आज खाने को कुछ मिला है या नहीं तो बच्चे बोले की अभी तक उन्हें केला ही मिला है। इसके बाद वह कक्षा 4 से कक्षा 1 तक के कक्षों में पहुंचे  और सीधे बच्चों से संवाद कर ड्रेस व जूतों के बारे में भी बात की। जूते मिलने की बात पर बच्चे चुप हुए तो मुख्यमंत्री बोले कि हां,इस बार जूते नहीं मिले होंगे। शिक्षा विभाग ने स्कूल का कायाकल्प करने में तमाम मशक्कत की थी। इसके बावजूद सीएम की क्लास में शिक्षा विभाग  कहीं फेल तो कहीं पास होता दिखाई दिया।

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