Tuesday , December 19 2017

मुज़फ़्फ़रनगर दंगा: मुस्लिम लीडरों का केस हटाएगी यूपी हुकूमत!

कवाल कांड के बाद खालापार वाकेय् शहीद चौक पर इजलास के दौरान भड़काऊ तकरीर देने वाले मुस्लिम लीडरों पर दर्ज केस वापस लेने पर हुकूमत गौर कर रही है केस वापसी की चर्चा से इंतेज़ामी खेमे में खलबली मची है बताते हैं कि हुकूमत ने इंतेज़ामिया स

कवाल कांड के बाद खालापार वाकेय् शहीद चौक पर इजलास के दौरान भड़काऊ तकरीर देने वाले मुस्लिम लीडरों पर दर्ज केस वापस लेने पर हुकूमत गौर कर रही है केस वापसी की चर्चा से इंतेज़ामी खेमे में खलबली मची है बताते हैं कि हुकूमत ने इंतेज़ामिया से इस मामले में मुख्तलिफ नुक्तों पर रिपोर्ट मांगी है |

27 अगस्त को कवाल में छेड़छाड़ के बाद शाहनवाज और मलिकपुरा के साकिन सचिन-गौरव के कत्ल के बाद 30 अगस्त को शहीद चौक पर हुई इजलास में हजारों मुसलमानो का सैलाब उमड़ पड़ा था इसके जवाब में अगले दिन मंदौड़ में हिंदुओं की महापंचायत में भी हजारों की भीड़ जमा हो गई |

इंतेज़ामिया ने ज़िले का माहौल बिगड़ने और काफी बवाल के बाद शहीद चौक की इजलास की अगुवाई कर रहे लोगों के खिलाफ मामले दर्ज करा दिए |

पुलिस ने बसपा एमपी कादिर राना, बसपा एमएलए नूर सलीम राना, एमएलए मौलाना जमील, साबिक वज़ीर ए ममलकत सईदुज्जमा, उनके बेटे सलमान सईद, कौंसिलर असदजमा, साबिक कौंसिलर नौशाद कुरैशी, ताज़िर अहसान कुरैशी और सुल्तान मुशीर को नामजद के इलावा सैकड़ों नामालूम लोग भी थे |

बसपा एमपी कादिर राना, एमएलए नूरसलीम राना, मौलाना जमील, अहसान कुरैशी और सुल्तान मुशीर की जमानत भी हो चुकी है.

ज़राये बताते हैं कि हुकूमत मुस्लिम लीडरों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की तैयारी कर रहा है और इसकी चर्चा जोरों पर है हुकूमत के महकमा कानून ने इंतेज़ामिया से कई नुक्तों पर रिपोर्ट मांगी है बताया जाता है कि इंतेज़ामिया ने हुकूमत को भेजे जवाब में कहा है कि मुल्ज़िमों के खिलाफ एसआइसी ने अभी तक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल नहीं की है इसलिए फौरन मुकदमा वापस लेने का अमल शुरू नहीं किया जा सकता है.

इंतेज़ामिया की इस कवायद से इंतेज़ामी और सियासी पार्टियों में खलबली मच गई है चर्चा तो यहां तक भी है कि नगला मंदौड़ में महापंचायत के दौरान भड़काऊ तकरीर देने के इल्ज़ाम में खाप चौधरियों के खिलाफ भी हुकूमत मुकदमा वापस लेने की तैयारी कर रही है | भाकियू लीडर नरेश टिकैत और राकेश टिकैत पर शुरू से ही सपा की हुकूमत का नरम रवैया है खाप चौधरियों की उम्र ज़्यादा होने के सबब केस वापस लेने की चर्चा है |

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