Tuesday , December 12 2017

मुतवल्ली दरगाह हज़रात यूसुफ़ैन (रह) फ़ैसल अली शाह मुअत्तल

रियास्ती वक़्फ़ बोर्ड ने दरगाह हज़रात यूसुफ़ैन (रह) नामपल्ली के मुतवल्ली की हैसियत से फ़ैसल अली शाह को बरतरफ़ कर दिया है। बरतरफ़ी के अहकामात वक़्फ़ बोर्ड के ओहदेदारों ने शख़्सी तौर पर फ़ैसल अली शाह के हवाले किए और दरगाह और उस से मुताल्

रियास्ती वक़्फ़ बोर्ड ने दरगाह हज़रात यूसुफ़ैन (रह) नामपल्ली के मुतवल्ली की हैसियत से फ़ैसल अली शाह को बरतरफ़ कर दिया है। बरतरफ़ी के अहकामात वक़्फ़ बोर्ड के ओहदेदारों ने शख़्सी तौर पर फ़ैसल अली शाह के हवाले किए और दरगाह और उस से मुताल्लिक़ तमाम इंतेज़ामात की निगरानी और इंसिराम के लिए डिप्टी सेक्रेट्री वक़्फ़ बोर्ड सुल्तान मही उद्दीन को इंचार्ज मुक़र्रर किया गया है।

फ़ैसल अली शाह के ख़िलाफ़ मुख़्तलिफ़ इल्ज़ामात के सबब उन्हें बोर्ड ने साबिक़ में मुअत्तल करते हुए तहक़ीक़ात का एलान किया था। तहक़ीक़ाती अफ़्सर ने गुज़िश्ता दिनों बोर्ड को अपनी रिपोर्ट पेश कर दी जिस में बताया जाता है कि मुतवल्ली के ख़िलाफ़ इल्ज़ामात को दरुस्त क़रार दिया गया।

चूँकि वक़्फ़ बोर्ड में स्पेशल ऑफीसर का ओहदा 18जून के बाद ख़ाली था लिहाज़ा बोर्ड ने तहक़ीक़ाती रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की ताहम अब जबकि स्पेशल ऑफीसर का तक़र्रुर हो चुका है बोर्ड ने रिपोर्ट का जायज़ा लेने के बाद उसे क़ुबूल कर लिया और फ़ैसल अली शाह को बरतरफ़ करने के अहकामात जारी किए गए।

बोर्ड के ज़राए ने बताया कि मुतवल्ली के ख़िलाफ़ जो इल्ज़ामात आइद किए गए थे इन में वक़्फ़ फ़ंड की अदम अदाइगी, ग़ल्ला और दीगर ज़राए से होने वाली आमदनी का हिसाब किताब बोर्ड को पेश ना करना, किरायेदारों से होने वाली आमदनी के हिसाब को मख़्फ़ी रखना और क़ब्रिस्तान में तदफ़ीन के लिए भारी रक़ूमात के हुसूल जैसे उमूर शामिल हैं।

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