Wednesday , May 23 2018

मुतास्सिरा ख़ून से कमउमर माँ शेख़ हसीना एच आई वे का शिकार

हैदराबाद । २‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍८ फरवरी : ( एजैंसीज़ ) : शहर के कोने कोने और टाउंस में ब्लड बंक खुल गए हैं लेकिन ये नहीं मालूम कि इन की जानिब से किस किस्म का ख़ून सरबराह किया जा रहा है ।

हैदराबाद । २‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍‍८ फरवरी : ( एजैंसीज़ ) : शहर के कोने कोने और टाउंस में ब्लड बंक खुल गए हैं लेकिन ये नहीं मालूम कि इन की जानिब से किस किस्म का ख़ून सरबराह किया जा रहा है ।

एमरजैंसी हालात में ख़ून ख़रीदने की ज़रूरत पड़ती है । ताहम कई लोगों को ऐच आई वे के असरात वाले ख़ून के क्या अवाक़िब नताइज बरामद होते हैं नहीं मालूम है । ऐसा ही एक केस 19 साला शेख़ हसीना का है जिसे नैलोर के एक ख़ानगी नर्सिंग होम में एच आई वे के असरात वाला ख़ून दिए जाने के बाद वो इस मोहलिक मर्ज़ का शिकार हो गई है और अपने नोमोलोवद बच्चे के लिए फ़िक्रमंद है इस ख़ातून को इस के शौहर ने छोड़ दिया है , समाज और हुकूमत ने नज़रअंदाज कर दिया है ।

अब वो अपने बेटे ज़मीर को अपना दूध पिलाने से ख़ौफ़ज़दा है कि कहीं ये मोहलिक वाइरस का वो शिकार ना होजाए । इस नाख़्वान्दा ख़ातून की मदद के लिए अपील को ज़िला हुक्काम की जानिब से नज़रअंदाज किए जाने के बाद इस ख़ातून ने अब इंसाफ़ के लिए रियास्ती इंसानी हुक़ूक़ कमीशन का दरवाज़ा खटकटाया है ।।

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