Wednesday , September 19 2018

मुतास्सिरीन सेलाब की बाज़ आबादकारी पर तवज्जे मर्कूज़ करने सी पी आई एम‌ का मुतालिबा

सी पी आई एम ने आज कहा कि मर्कज़ की ख़ुसूसी तवज्जे और रियासती हुकूमत की जानिब से ख़ुसूसी तवज्जे सेलाब ज़दगान को फ़ौरी राहत रसानी पर होनी चाहिए और रियासत में जमहूरी अमल के जारी रहने से राहत रसानी कार्यवाईयों को मुतास्सिर नहीं होना चाहि

सी पी आई एम ने आज कहा कि मर्कज़ की ख़ुसूसी तवज्जे और रियासती हुकूमत की जानिब से ख़ुसूसी तवज्जे सेलाब ज़दगान को फ़ौरी राहत रसानी पर होनी चाहिए और रियासत में जमहूरी अमल के जारी रहने से राहत रसानी कार्यवाईयों को मुतास्सिर नहीं होना चाहिए। उन्हों ने कहा कि मौसम-ए-सर्मा सर पर है इस लिए मुस्तक़िल बाज़ आबादकारी के इक़दामात ज़रूरी हैं।

बसूरत-ए-दीगर कई इंसानी जानें ज़ाए होसकती हैं। सी पी आई एम की पोलीट ब्यूरो के रुकन सीता राम यचोरी ने एक प्रेस‌ कान्फ्रेंस‌ से ख़िताब करते हुए जबकि वो सेलाब ज़दा इलाक़ों का तीन रोज़ा दौरा ख़त्म करचुके थे, सवाल किया कि असेम्बली इंतेख़ाबात जारीया साल के अवाख़िर में भी करवाए जा सकते थे इतनी उजलत की कोई ज़रूरत नहीं थी।

इलेक्शन कमीशन ने सियासी पार्टीयों से मुशावरत के बाद फ़ैसला किया लेकिन उन्हें यक़ीन है कि इस कार्रवाई में उनकी पार्टी को मुशावरत से बाहर रखा गया। उन्होंने कहा कि बहरहाल सेलाब के मुतास्सिरीन को फ़ौरी राहत रसानी और उन की मुस्तक़िल बाज़ आबादकारी इंतेहाई अहम मसला है। मर्कज़ को चाहिए कि सेलाब को क़ौमी आफ़त क़रार दे।

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