Wednesday , December 13 2017

मुत्तहदा आंध्र एहतिजाज हुसूले मक़्सद में नाकाम

सरकारी मुलाज़मीन असातिज़ा ए पी एस आर टी सी स्टाफ़ और बर्क़ी मुलाज़िमीन की तरफ से 66 दिन तक एहतेजाज और हड़ताल के बाद ड्यूटी पर रुजू होने के बाद एसा लगता हैके अलाहिदा रियासत तेलंगाना की तशकील के ख़िलाफ़ एहतेजाज तक़रीबा ख़त्म होगया है।

सरकारी मुलाज़मीन असातिज़ा ए पी एस आर टी सी स्टाफ़ और बर्क़ी मुलाज़िमीन की तरफ से 66 दिन तक एहतेजाज और हड़ताल के बाद ड्यूटी पर रुजू होने के बाद एसा लगता हैके अलाहिदा रियासत तेलंगाना की तशकील के ख़िलाफ़ एहतेजाज तक़रीबा ख़त्म होगया है।

तेलुगु देशम पार्टी और वाई एस आर कांग्रेस के कुछ अरकान की तरफ से अलामती एहतेजाज किया जा रहा है। सियासी मुबस्सरीन का कहना हैके रियासती हुकूमत और इंतेज़ामीया को 66 दिन तक साहिली आंध्र -ओ-राइलसिमा में मफ़लूज करदेने वाला एहतेजाज मर्कज़ी हुकूमत की तरफ से तशकील तेलंगाना के फैसले को वापिस लेने के अपने मक़सद की तकमील में नाकाम होचुका है।

ताहम शिकस्त कुबूल करने से गुरेज़ करते हुए ए पी एन जी औज़ के लीडर अशोक बाबू ने गुंटूर में कहा कि वो इस बात को यक़ीनी बनाएंगे कि रियासती असेंबली में तेलंगाना क़रार दादद को शिकस्त दी जाये जब उसे सदर जमहूरीया के बाद असेंबली से रुजू किया जाएगा।

तेलंगाना राष़्ट्रा समीति ने ताहम कहा कि रियासती असेंबली में इस क़रारदाद को शिकस्त दिए जाने का कोई इमकान नहीं है क्यूंकि असेंबली को ये बिल सिर्फ़ ख़्यालात मालूम करने के लिए रवाना किया जाएगा।

हुकूमत इस बिल की ताईद यह मुख़ालिफ़त में असेंबली में कोई क़ररा दाद मंज़ूर नहीं करसकती। सयासी तजज़िया निगारों ने अशोक बाबू की तरफ से दस्तूर के आर्टीकल 371( D ) का सहारा लेते हुए तशकील तेलंगाना को रोकने की कोशिशों पर हैरत का इज़हार किया है।

इन का कहना हैके ये आर्टीकल आंध्र प्रदेश के लिए ख़ुसूसी गुंजाइश रखता है जिस के तहत सदर जमहूरीया अवामी रोज़गार और तालीम के मुआमले में इलाक़ाई अदम तवाज़ुन को दूर करने क़वानीन बनाने यह उन्हें मुस्तर्द करने का इख़तियार देता है लेकिन ये आर्टीकल आर्टीकल 3 को ख़त्म नहीं करसकता जिस के तहत पार्ल्यमंट को नई रियासतें तशकील देने का इख़तियार हासिल है।

मर्कज़ी मिनिस्टर आफ़ स्टेट पेट्रोलीयम-ओ-क़ुदरती गैस पनाबाका लक्ष्मी ने आज इस बात का इआदा किया कि वो बहैसियत कांग्रेस कारकुन तेलंगाना बिल की पार्ल्यमंट में ताईद करेंगी।

मिनिस्टर आफ़ स्टेट फाइनैंस जे डी सेलम ने भी इसी तरह के ख़्याल का इज़हार किया है। रियासती वुज़रा के लक्ष्मी नारायना और एम विरह प्रसाद राव‌ ने तेलंगाना के ख़िलाफ़ स्तीफ़े पेश करने से इनकार करदिया है। इन का कहना हैके वो इस बात को यक़ीनी बनाएंगे कि साहिली आंध्र के इलाके के साथ इंसाफ़ किया जाये। इन तमाम का गुंटूर ज़िला से ताल्लुक़ है।

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