Thursday , December 14 2017

मुमताज़ किसान लीडर शरद जोशी का इंतेक़ाल

पुणे: किसान तहरीक के मुमताज़ लीडर शरद जोशी का आज यहां इंतेक़ाल हो गया जिन्होंने मुल्क भर में काश्तकारों के लिए मुनाफ़ा बख़श क़ीमतें फ़राहम करने के लिए मुतअद्दिद तहरीकें (एजीटेशन) चलाई थीं। ख़ानदान के ज़राए ने बताया कि 81 साला शरद जोशी आज सुबह अपनी क़ियामगाह पर आख़िरी सांस ली।

वो साल 2004-10 में राज्य सभा के रुकन थे और तक़रीबन 16 पारलीमानी कमेटीयों में ख़िदमात अंजाम दें और 1958-68 में इंडियन पोस्टल सर्विस से वाबस्ता रहे। उन्हें पिन कोड नंबर का बानी तसव्वुर किया जाता है जोकि पोस्टल सिस्टम में एक नई तबदीली पैदा कर दी थी।

बादअज़ां वो स्विटज़रलैंड में इंटरनेशनल ब्यूरो पोस्टल यूनीयन में ख़िदमात के लिए चले गए और 1977में हिन्दुस्तान वापिस आकर किसानों के हुक़ूक़ पर तहरीकात शुरू कर दें और 1979 में एक किसान तंज़ीम शीतकारी संघटन का क़ियाम अमल में लाया जिसने महाराष्ट्र में ग़ैर मुनज़्ज़म किसानों के लिए तहरीक चलाई थी।

मिस्टर शरद जोशी को इस वक़्त शौहरत हासिल हुई जब ज़िला नासिक में प्याज़ के काश्तकारों के लिए मुनाफ़ा बख़श क़ीमतें फ़राहम करने के मुतालिबे पर एहतेजाजी तहरीक शुरू की जिसके दौरान तशद्दुद के वाक़ियात पेश आने पर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया था। बादअज़ां शुमाली हिंद के एक और किसान लीडर महिन्द्र सिंह टिकेट के साथ हाथ मिला लिया और मुल्क भर में किसानों के हुक़ूक़ के लिए सरगर्म अमल हो गए थे।

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