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मुलायम के दहशतगर्दों से ताल्लुक़ात बेनी प्रसाद वर्मा के इल्ज़ाम पर हंगामा

नई दिल्ली, 19 मार्च ( पी टी आई ) मर्कज़ी वज़ीर बेनी प्रसाद वर्मा आज एक और तनाज़ा में घिर गए जब समाजवादी पार्टी सरबराह मुलायम सिंह यादव पर दहशतगर्दों से ताल्लुक़ात रखने के इल्ज़ामात पर पार्लियामेंट में हंगामा हुआ और समाजवादी पार्टी अरकान

नई दिल्ली, 19 मार्च ( पी टी आई ) मर्कज़ी वज़ीर बेनी प्रसाद वर्मा आज एक और तनाज़ा में घिर गए जब समाजवादी पार्टी सरबराह मुलायम सिंह यादव पर दहशतगर्दों से ताल्लुक़ात रखने के इल्ज़ामात पर पार्लियामेंट में हंगामा हुआ और समाजवादी पार्टी अरकान ने ऐवान की कार्रवाई चलने नहीं दी ।

इस एहतिजाज को देखते हुए हुकूमत ने वर्मा के रिमार्कस पर अफ़सोस का इज़हार किया और इनकी मुज़म्मत की । लोक सभा में समाजवादी पार्टी ने वर्मा के रिमार्कस पर ऐवान के वस्त में पहूंच कर हंगामा किया और मर्कज़ी वज़ीर फ़ौलाद से इस्तीफ़ा का मुतालिबा किया और कहा कि उन्हों ने मुल्क के तमाम मुसलमानों को दहशतगर्द क़रार दिया है ।

वज़ीर मौसूफ़ ने जो ऐवान में मौजूद थे फ़ौरन उठ कर वज़ाहत की कि उन्होंने इस तरह का बयान नहीं दिया है और उन की माज़रत का सवाल ही पैदा नहीं होता । उन्होंने अरकान से सवाल किया कि इस तरह के बयान का कोई सुबूत है ? । उन्होंने दहशतगर्दी को किसी मज़हब से नहीं जोड़ा है ।

समाजवादी पार्टी के अरकान की जानिब से एवान के वस्त में हंगामा आराई और नारेबाज़ी का सिलसिला जारी था जिस पर मिस्टर वर्मा ने मज़ीद रिमार्कस करते हुए जलती पर तेल का काम किया । उन्होंने कहा कि उनके लिए दहशतगर्दी का कोई मज़हब या रंग नहीं होता ।

बाबरी मस्जिद की शहादत और गुजरात में गोधरा के बाद जो फ़सादाद हुए वो भी दहशतगर्दी थी । उन्होंने कहा कि इसके बावजूद मुलायम सिंह यादव ने उन अफ़राद से हाथ मिला लिया जिन्होंने बाबरी मस्जिद शहीद की थी ( कल्याण सिंह ) उनकी पार्टी ने गुजरात में बी जे पी को कामयाबी हासिल करने में मदद की है ।

इन रिमार्कस पर लोक सभा में मज़ीद एहतिजाज शुरू हो गया और तीन मरतबा एवान की कार्रवाई मुल्तवी करनी पड़ी थी जिसके बाद एवान की कार्रवायी दिन भर के लिए मुल्तवी कर दी गई । राज्य सभा में भी इस मसला पर हंगामा आराई हुई और बार बार कार्रवाई में ख़लल पैदा होता रहा जिसके बाद कुर्सी-ए-सदारत की जानिब से कार्रवाई को दिन भर के लिए मुल्तवी कर दिया गया ।

मुलायम सिंह यादव ने ऐवान में ब्रहमी ( गुस्से) का इज़हार करते हुए कहा कि या तो उन्हें जेल भेज दिया जाये यह फिर वज़ीर मौसूफ़ को बरतफ़ किया जाये पारलीमानी उमूर के वज़ीर कमल नाथ ने इन रिमार्कस पर अफ़सोस का इज़हार किया ।

उन्होंने एस पी सरबराह को मनाने की कोशिश करते हुए कहा कि मुलायम सिंह यादव एक मामूली रुकन नहीं हैं बल्कि वो अपनी पार्टी के सरबराह हैं। उन्होंने कहा कि वो ये कहना चाहते हैं कि मुअज़्ज़िज़ रुकन ( मुलायम सिंह ) ऐवान के कोई मामूली रुकन नहीं हैं ।

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