Tuesday , December 19 2017

मुल्क की लेबारेटरीज़ तमाम आलात-ओ-मसनूआत ख़ुद ईजाद करने की अहल

मर्कज़ी वज़ीर साईंस-ओ-टेक्नालोजी डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि हिंदुस्तान की लेबारेटरीज़ और तहक़ीक़ी इदारों में मेक इन इंडिया प्रोग्राम एक अहम प्रोग्राम की हैसियत से शामिल होजाएगा।

मर्कज़ी वज़ीर साईंस-ओ-टेक्नालोजी डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि हिंदुस्तान की लेबारेटरीज़ और तहक़ीक़ी इदारों में मेक इन इंडिया प्रोग्राम एक अहम प्रोग्राम की हैसियत से शामिल होजाएगा।

हैदराबाद में प्रेस कांफ्रेंस से ख़िताब करते हुए डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि हिंदुस्तान की लेबारेटरीज़ और रिसर्च इंस्टिट्यूटस मुल्क और अवामी ज़रूरत की तमाम ईजादात ख़ुद अपने तौर पर करने के अहल हैं और मेक इन इंडिया प्रोग्राम उसी का हिस्सा है ताकि हिंदुस्तान और इस के साईंसदाँ अपनी सलाहीयतों का भरपूर मुज़ाहरा करसकें।

उन्होंने कहा कि हिंदुस्तानी तहक़ीक़ी इदारे मेक इन इंडिया प्रोग्राम को अपने तहक़ीक़ी प्रोग्राम का हिस्सा बनाते हुए इस बात का जायज़ा लेंगे कि हिंदुस्तान के मसाइल क्या हैं और टेक्नालोजी के इस्तेमाल के ज़रीये इन का हल किस तरह तलाश किया जा सकता है।

वज़ीर साईंस-ओ-टेक्नालोजी ने बताया कि हमारी लेबारेटरीज़ वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया प्रोग्राम पर ख़ुसूसी तवज्जा देते हुए उसे एक कामयाब मुहिम में तबदील करदेंगे।

ये पूछे जाने पर मेक इन इंडिया तहरीक के बाद कई ख़ानगी कंपनीयां दिफ़ाई आलात की तैयारी के सिलसिले में सरमाया कारी के लिए तैयार नहीं। हर्षवर्धन ने कहा कि इस तरह की इत्तेलाआत पर कुछ भी कहना क़बल अज़ वक़्त होगा। इस तरह की इत्तेलाआत आती हैं जिन की कोई सदाक़त नहीं।उन्होंने बताया कि पिछ्ले साल सितंबर में इस प्रोग्राम का आग़ाज़ किया गया था और हुकूमत उसे बेहतर अंदाज़ में अमल आवरी और तहक़ीक़ी इदारों को इस के दायरा कार में लाने के इक़दामात कररही है।

उन्होंने कहा कि वो इस तरह की क़ियास आराई पर मबनी इत्तेलाआत से इत्तिफ़ाक़ नहीं रखते। इस स्कीम के सिलसिले में हुकूमत को भी कुछ वक़्त देना होगा ताकि सिस्टम और तमाम डिपार्टमेंट्स को तैयार किया जा सके। उन्होंने इस यक़ीन का इज़हार किया कि इस प्रोग्राम के सिलसिले में साईंसदानों, टेक्नालोजी के माहिरीन, इंजीनियरस और सनअतों और कॉरपोरेट इदारों में काफ़ी जोश-ओ-ख़ुरोश पाया जाता है और ये मुहिम मुल्क भर में कामयाब रहेगी।

उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया मुहिम से हिंदुस्तान दुनिया का सब से बन जाएगा। हर्षवर्धन ने कहा कि दुनिया भर में बेहतरीन तख़लीक़ात और पैदावार के सिलसिले में हिंदुस्तान में काफ़ी सलाहीयत और क़ाबिलीयत मौजूद है।

उन्होंने कहा कि मर्कज़ी हुकूमत रिसर्च के फ़रोग़ और मयार में बेहतरी की पाबंद अह्द है। इस के अलावा रिसर्च के शोबे में मियान पावर की तादाद को भी बेहतर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले बरसों में वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी रिसर्च, साईंस-ओ-टेक्नालोजी को बड़े पैमाने पर मुस्तहकम करने का मंसूबा रखते हैं।

उन्होंने कहा कि साईंसी शोबे में तहक़ीक़ करने वालों और तलबा की मुनासिब हौसलाअफ़्ज़ाई की जाएगी जो मुल्क के मुस्तक़बिल के साईंसदाँ साबित होंगे। एक सवाल के जवाब में हर्षवर्धन ने कहा कि मर्कज़ी हुकूमत रिसर्च के शोबे में सरमाया कारी में इज़ाफे पर तवज्जा दे रही है।

उन्हों ने कहा कि इंडियन साईंस कांग्रेस के बारे में बाज़ अख़बारात में शाय शूदा मज़ामीन से ये तास्सुर मिलता हैके कांफ्रेंस में सिर्फ़ माज़ी की साईंस पर मुबाहिस हुए। उन्होंने कहा कि हमें अपने माज़ी पर शर्मिंदा होने की कोई ज़रूरत नहीं।

उन्होंने कहा कि 7000 साल पहले हवाई जहाज़ को मौजूदगी से मुताल्लिक़ मक़ाला की पेशकशी तहक़ीक़ का हिस्सा है। हर्षवर्धन ने कहा कि हमें उसे क़बूल करना चाहीए और मग़रिबी दुनिया ने दस्तावेज़ात, वयदास की बुनियाद पर इस नज़रिये को क़बूल किया है।

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