Monday , December 18 2017

मुल्क के मुस्लमान गै़रक़ानूनी रिहायश के मुख़ालिफ़

जमईतुल ओलमा-ए-हिंद के जनरल सेक्रेटरी मौलाना महमूद मदनी ने कहा है कि हिंदूस्तान के मुस्लमान, मुल्क में किसी भी ग़ैरमुल्की की गै़रक़ानूनी तौर से रिहायश के हक़ में नहीं ख़ाह मुस्लिम हों या ग़ैर मुस्लिम इस लिए मुतालिबा किया जाता है क

जमईतुल ओलमा-ए-हिंद के जनरल सेक्रेटरी मौलाना महमूद मदनी ने कहा है कि हिंदूस्तान के मुस्लमान, मुल्क में किसी भी ग़ैरमुल्की की गै़रक़ानूनी तौर से रिहायश के हक़ में नहीं ख़ाह मुस्लिम हों या ग़ैर मुस्लिम इस लिए मुतालिबा किया जाता है कि शफ़्फ़ाफ़ियत, ईमानदारी और बगै़र किसी तास्सुब के दस्तूर और क़ानून के मुताबिक़ शुमाल (उत्तर ) मशरिक़ (पूर्व ) में जो हिंदूस्तानी शहरी हैं,

उन के नाम को एन सी आर में दर्ज करने के अमल को तेज़ तर किया जाय और इस की डैडलाइन तैय की जाय। मौलाना मदनी ने इल्ज़ाम लगाया कि मर्कज़ी वज़ारत-ए-दाख़िला (गृह मंत्री) और रियास्ती हुकूमत इस मुआमले में निहायत लापरवाई का सबूत दे रही है और एक लंबे अर्से से इस मसला (समस्या ) को बंगला ज़बान बोलने वाले हिंदूस्तानी मुस्लमानों के ख़िलाफ़ हथियार के तौर पर इस्तिमाल किया जा रहा है।

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