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मुल्क को कानून की नहीं कार्रवाई की जरूरत: मोदी

नई दिल्ली, 17 मार्च: (एजेंसी) मरकज़ी हुकूमत की तरफ से मुखतलिफ मुद्दों को लेकर कानून बनाने की कवायद पर गुजरात के वज़ीर ए आला ने कहा है कि मुल्क को एक्ट (कानून) की नहीं एक्शन (कार्रवाई) की जरूरत है।

नई दिल्ली, 17 मार्च: (एजेंसी) मरकज़ी हुकूमत की तरफ से मुखतलिफ मुद्दों को लेकर कानून बनाने की कवायद पर गुजरात के वज़ीर ए आला ने कहा है कि मुल्क को एक्ट (कानून) की नहीं एक्शन (कार्रवाई) की जरूरत है।

यहां एक प्रोग्राम में उन्होंने कहा कि मुल्क की तरक्की कानून बनाने से नहीं बल्कि काम करने से होगा।

उन्होंने ऐलान किया कि मुल्क की तामीर का काम हुकूमत से ज़्यादा आवाम को करना होगा क्योंकि आवामी शिरकत से ही मुल्क की तामीर मुम्किन है।

उन्होंने मरकज़ी हुकूमत की मनरेगा, सर्वशिक्षा अभियान मंसूबे के काम में खामियों का जिक्र करते हुए कहा कि एतेमाद और आवामी तआउन से ही हदफ हासिल किए जा सकते हैं।

सियासतदानो को इस काम को लागू करते वक्त जोखिम भी उठाने होंगे। मुल्क में बदउनवानी पर गुफ्तुगू करते हुए उन्होंने कहा कि टेक्नोलोजी के जरिये बदउनवानी पर रोक लग सकता है। लेकिन शुरुआत ऊपर से होनी चाहिए। मोदी ने कहा कि हुकूमत और आवाम की भागीदारी से ही तरक्की मुम्किन है।

मोदी ने कहा कि वह मुल्क के वज़ीर ए आज़म बनने का ख़ाब नहीं देखते बल्कि जहां भी रहें काम करने में यकीन रखते हैं। उन्होंने नौजवानो की कामयाबी का मंत्र बताया कि कुछ बनने का ख़ाब मत देखो, अमल करने का खाब देखो।

उन्होंने कहा कि मैंने कभी गुजरात का वज़ीर ए आला बनने का खाब नहीं देखा था। मोदी ने दावा किया कि उनकी रियासत में मज़हब की बुनियाद पर भेदभाव किए जाने का एक भी वाकिया नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि मुल्क में सभी लोगों को तहफ्फुज़ की जरूरत है। आवाम को तहफ्फुज़ दिए जाने में मजहब या जाति की बात करने का कोई जवाज़ नहीं है।

मोदी ने इल्ज़ाम लगाया कि यूपीए हुकूमत ने अपने 9 साल की मुद्दत में मुल्क के वकाफी ढांचे पर शदीद हमले किए हैं। हुकूमत रियासतो से बातचीत किए बिना फैसला कर लेती है और फिर उसे रियासतों पर थोपना चाहती है। यह वक़ाफी निज़ाम के असूल के खिलाफ है।

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