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मुल्क से अंधेपन के ख़ातमे के लिए कॉरपोरेट इदारों का तआवुन

हैदराबाद। 18 जनवरी :मुल्क से अंधेपन के ख़ातमे के लिए सरकारी एजंसियों के साथ कॉरपोरेट इदारों को भी तआवुन करने की ज़रूरत है।

हैदराबाद। 18 जनवरी :मुल्क से अंधेपन के ख़ातमे के लिए सरकारी एजंसियों के साथ कॉरपोरेट इदारों को भी तआवुन करने की ज़रूरत है।

सदर जमहूरीया परनब मुख‌र्जी ने आज शहर में माहिरीन अमराज़-ए-चशम की चार रोज़ा कांफ्रेंस की इफ़्तेताही तक़रीब से ख़िताब के दौरान ये बात कही। उन्हों ने बताया कि क़ौमी-ओ-बेन अल-अक़वामी सतह पर अंधेपन के ख़ातमा के लिए शऊर उजागर करने के साथ एहतियाती तदाबीर की ज़रूरत है।

सदर जमहूरीया ने बताया कि इस बीमारी के तदारुक के लिए ये ज़रूरी हैके सयासी-ओ-पेशा वाराना अज़म के साथ इस बीमारी से लड़ने की तहरीक चलाई जाये।

परनब मुकर्जी ने वर्ल्ड हेलत आरगनाइज़ेशन के वीज़न 2020 ई के हवाले से बताया कि डब्ल्यू एच्च ओ की रिपोर्ट के मुताबिक़ 2020 तक 76 मिलियन अफ़राद इस नागहानी बीमारी का शिकार हूजाएंगे।

उन्हों ने बताया कि फ़िलहाल दुनया की 90 फ़ीसद नाबीना आबादी तरक़्क़ी पज़ीर ममालिक में रहती है। उन्हों ने बताया कि नाबीना अफ़राद की तादाद में इज़ाफे से मआशी बोझ भी आइद होता है। कीवनके आँखों से माज़ूर अफ़राद मुलाज़मत से महरूम रहते हैं।

परनब मुख‌र्जी ने बताया कि 75 ता 85 फ़ीसद अंधेपन का ईलाज बरवक़्त बीमारी की निशानदेही से मुम्किन है। उन्हों ने बताया कि बरवक़्त तशख़ीस और बहतरीन ईलाज के साथ असरी टैक्नालोजी के इस्तेमाल से इस बीमारी को बड़ी हद तक रोका जा सकता है।

सदर जमहूरीया परनब मुख‌र्जी ने इस चार रोज़ा कांफ्रेंस से मुताल्लिक़ नेक ख़ाहिशात का इज़हार करते हुए यक़ीन ज़ाहिर किया कि इस कांफ्रेंस के ज़रीये नाबीना अफ़राद की तादाद को कम किया जा सकता है।

उन्हों ने बताया कि आँखों के मुताल्लिक़ एहतियात और आँखों की बीमारियों के बरवक़्त ईलाज के लिए अवाम में शऊर बेदार किया जाना ज़रूरी है। गवर्नर ई एस् लक्ष्मी नरसिम्हन ने इस मौके पर कहा कि हिन्दुस्तान कई चयालनजस का सामना कररहा है जिस में अमराज़-ए-चशम भी एक बड़ा चैलेंज बना हुआ है।

उन्हों ने बताया कि इस तरह की कांफ्रेंस के इनइक़ाद के ज़रीये आँखों के अमराज़ के असरी तरीका-ए-ईलाज और तहक़ीक़ के बेहतर नताइज बरामद होसकते हैं।

उन्हों ने बताया कि अगर अवाम इबतिदा में ही आँखों से मुताल्लिक़ बीमारियों पर तवज्जा मर्कूज़ करने लगीं तो अंधेपन से क़बल ईलाज को मुम्किन बनाया जा सकता है।

नरसिम्हन ने कहा कि इस तरह के समेनार और कांफ्रेंस बहतरीन ज़हनों को यकजा करती हैं, जिन से बेहतर नताइज की तवक़्क़ो की जा सकती है।

चीफ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी ने कहा कि हुकूमत ने आरोग्य श्री स्कीम के तहत ताहाल आँखों के 30 हज़ार ऑपरेशंस करवाए हैं। हुकूमत 23 मिलियन ख़ानदानों को आरोग्य श्री स्कीम के तहत कई बीमारियों का मुफ़्त ईलाज कररही है।

उन्हों ने कहा कि बच्चों में आँखों के अमराज़ की ख़ुसूसी जांच के लिए हुकूमत मंसूबा बंदी करके इक़दामात का आग़ाज़ करचुकी है। कीवनके बच्चों में भी आँखों के मसाइल पैदा होरहे हैं।

रेड्डी ने बताया कि हुकूमत ने अदवियात के बजट में 4 गिना इज़ाफ़ा किया है जिस से गरीब अवाम को फ़ायदा पहुंचेगा। इबतेदा में डाक्टर ललित वर्मा ने इबतिदाई इज़हार ख़्याल किया जबके प्रोफेसर राज वर्धन आज़ाद ने ख़ैरमक़दमी ख़िताब किया।

बादअज़ां प्रोफेसर फ्रैंक जय मार्टिन, प्रोफेसर ब्रूस ई असपाईवी, डाक्टर डेविड पार्क, प्रोफेसर इवा हुसैन, प्रोफेसर डेनिस लियाम ने भी मुख़ातब किया। डाक्टर प्रदीप सूर ने इज़हार-ए-तशक्कुर किया और कांफ्रेंस की तफ़सीलात से भी शरकाए कांफ्रेंस को वाक़िफ़ करवाया ।

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