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मुवासलाती कंपनीयों पर एक ही बार फ़ीस आइद करने की काबीनी मंज़ूरी

नई दिल्ली, ०९ नवंबर: (पीटीआई)मर्कज़ी हुकूमत (केंद्र सरकार) ने आज मुवासलाती/स‍ंचार (Cumminication)कंपनीयों पर जिन के क़बज़ा में मुक़र्ररा मुद्दत से ज़्यादा स्पेक्ट्रम रहे एक ही बार फ़ीस वसूल करने की मंज़ूरी दे दी।

नई दिल्ली, ०९ नवंबर: (पीटीआई)मर्कज़ी हुकूमत (केंद्र सरकार) ने आज मुवासलाती/स‍ंचार (Cumminication)कंपनीयों पर जिन के क़बज़ा में मुक़र्ररा मुद्दत से ज़्यादा स्पेक्ट्रम रहे एक ही बार फ़ीस वसूल करने की मंज़ूरी दे दी।

इस तरह सरकारी ख़ज़ाना को तक़रीबन 31 हज़ार करोड़ रुपए हासिल होंगे। इस इक़दाम (कार्यनिष्पादन/Performance) से इमकान है कि बाज़ार के क़ाइदीन भारती एयर टेल और वोडाफोन सब से ज़्यादा मुतास्सिर ( प्रभावित) होंगे। दीगर टेलीफ़ोन कंपनीयों में आईडीया सेलूलर, रिलायंस कम्यूनिकेशन , एम टी एन एल, टाटा टेली सर्विसेस भी शामिल हैं, जिन पर एक बार फ़ीस आइद करने का असर मुरत्तिब (फायदा पहुँचाने वाला) होगा।

इम्कान है कि उन कंपनीयों की शरहों में इज़ाफ़ा हो जाएगा। मर्कज़ी वज़ीर फायनेन्स पी चिदम़्बरम ने वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह की ज़ेर-ए-क़ियादत मर्कज़ी काबीना ( Central Cabinet) की जानिब से इस तजवीज़ को मंज़ूर करने की इत्तिला दी। उन्होंने कहा कि वुज़रा के बाइख़तियार ग्रुप ने सिफ़ारिश की थी कि मोबाईल फ़ोन कंपनीयों से जिन के पास स्पेकट्रम मुक़र्ररा मुद्दत से ज़्यादा बरक़रार रहे।

एक ही बार फ़ीस मुवासलाती क़वाइद ( Rules/ नियम) के मुताबिक़ वसूल कर ली जाए। स्पेक्ट्रम अपने पास मुक़र्ररा मुद्दत से ज़्यादा रखने वाली कंपनीयों से जी एस एम की सूरत में 4.4 (एम एच जेड) और मुक़र्ररा क़ीमत जिसकी उन्होंने बोली दी थी, वसूल की जाएगी। वज़ारती कमेटी ने तजवीज़ पेश की थी कि जी एस एम पर मबनी (निर्धारित) मुवासलाती कंपनीयों से ख़ाहिश की जाए कि वो फ़िज़ाई अम्वाज के लिए अदायगी करें।

अगर वो 4.4 मेगा हर्टज़ नीलाम में मुक़र्ररा मुद्दत से ज़्यादा अपने क़बज़ा में रखें, लेकिन अदायगी सिर्फ़ नीलाम में दी हुई बोली के मुताबिक़ करें। वज़ीर-ए-मवासलात कपिल सिब्बल ने कहा कि मोबाईल कंपनीयों को 2 किस्म के चार्जस यक्म जनवरी से क़बल अदा करने होंगे।

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