Tuesday , December 12 2017

मुशावरत के दफ़्तर में ‘मीडिया इफ्तार पार्टी’, उर्दू पत्रकारों को प्रेस क्लब से जोड़ने की कोशिश

नई दिल्ली: उर्दू मीडिया के लोग भी अन्य भाषाओं के पत्रकारों के कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया से बा जाब्ता जुड़े होकर अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इस मंच से साझा संघर्ष करें, इस समय केंद्र की मौजूदा सरकार ने देश में स्वतंत्र पत्रकारिता की आवाज को दबाने के लिए समाचार पत्रों को सरकारी विज्ञापन देने का जो योजना है बेहद खतरनाक है इससे उर्दू सहित अन्य सभी भाषाओं के अखबारों को खतरा हो गया है। वर्तमान सरकार की गलत नीतियों की आलोचना करने वाले कलम को शांत करना चाहती है यह लड़ाई अकेले नहीं लड़ी जा सकती सभी लोग मिलकर लड़ें, अब तक उर्दू पत्रकार प्रेस क्लब प्रतिबद्धता सिर्फ नाम के लिए ही रही है उसे बढ़ाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। पिछले साल उर्दू पत्रकारों के साथ पहली बैठक में हमने जो वादा किया था इस दिशा में कुछ प्रगति हुई थी, लेकिन कुछ मसरूफयतों के कारण बात आगे नहीं बढ़ सकी हमारी कोशिश होगी कि उर्दू वाले भी प्रेस क्लब से जुड़े हों।

इन विचारों का व्यक्त प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के महासचिव नदीम अहमद काजमी ने 26 जून को ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस परामर्श मुख्यालय में मीडिया के लोगों की इफ्तार पार्टी में किया। इस अवसर पर बहु संख्या में मीडिया से जुड़े लोगों ने भाग लिया।

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