मुसलमानों की सूरते हाल का जायज़ा लेने ‘कमीशन ऑफ़ इन्क्वाइरी’

मुसलमानों की सूरते हाल का जायज़ा लेने ‘कमीशन ऑफ़ इन्क्वाइरी’

हुकूमत ने मुसलमानों की तालीमी, मआशी और समाजी सूरते हाल का जायज़ा लेने के लिए क़ायम कर्दा कमीशन ऑफ़ इंकुवाइरी के सदर नशीन और अरकान को अलीउल तरतीब चीफ़ सेक्रेट्री और सेक्रेट्री का रुतबा अता करते हुए इन ओहदों के मुमासिल मुराआत का ऐलान किया है।

इस सिलसिले में सेक्रेट्री अक़लीयती बहबूद सैयद उमर जलील ने आज जी ओ आर टी 132 जारी किया। मुसलमानों को तहफ़्फुज़ात की फ़राहमी के सिलसिला में मुसलमानों की तालीमी, मआशी और समाजी सूरते हाल पर रिपोर्ट की पेशकशी के लिए रिटायर्ड आई ए एस ओहदेदार जी सुधीर की क़ियादत में कमीशन ऑफ़ इंकुवाइरी क़ायम किया गया।

इस कमीशन के रुक्न की हैसियत से रिटायर्ड लेक्चरर एम ए बारी का तक़र्रुर किया गया है जबकि मज़ीद एक रुक्न की नामज़दगी अभी बाक़ी है। कमीशन ने 9 मार्च को जायज़ा हासिल कर लिया ताहम सहूलतों और स्टाफ़ की कमी के सबब कारकर्दगी का आग़ाज़ नहीं हो सका।

खासतौर पर शरह ख़्वांदगी, सेहत और दीगर शोबों में मुसलमानों की सूरते हाल, सरकारी, नीम सरकारी और ख़ान्गी इदारों में मुसलमानों को मुलाज़मत और बैंकों से मुराआत के हुसूल और ख़ुद रोज़गार स्कीमात में मुसलमानों की हिस्सेदारी पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

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