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मुसलमानों के क़तल-ए-आम पर माफ़ी मांगने से मोदी का इनकार

चीफ़ मिनिस्टर गुजरात नरेंद्र मोदी जो माबाद गोधरा तशद्दुद ( गोधरा कांड) में मुबय्यना ( मुख्य ) रोल के ताल्लुक़ से जवाब देने से गुरेज़ ( इंकार) कर रहे थे, आज उन फ़सादाद के लिए माज़रत ख़्वाही ( मांफी माँगने) से साफ़ इनकार कर दिया और कहा कि अगर वो ख़

चीफ़ मिनिस्टर गुजरात नरेंद्र मोदी जो माबाद गोधरा तशद्दुद ( गोधरा कांड) में मुबय्यना ( मुख्य ) रोल के ताल्लुक़ से जवाब देने से गुरेज़ ( इंकार) कर रहे थे, आज उन फ़सादाद के लिए माज़रत ख़्वाही ( मांफी माँगने) से साफ़ इनकार कर दिया और कहा कि अगर वो ख़तावार ( दोषी) हैं तो वो फांसी की सज़ा को तर्जीह ( प्रधानता) देंगे।

उर्दू हफ़तावार में शाय एक इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी ने कहा कि फ़सादाद के वक़्त उन्होंने जो बात कही थी, आज भी इस पर वो क़ायम हैं। 2004 में एक इंटरव्यू में उन्हों ने कहा था कि मुझे माज़रत ख़्वाही क्यों करनी चाहीए। अगर मेरी हुकूमत ज़िम्मेदार है तो मुझे बरसर‍ ए‍ आम ( सबके सामने) फांसी पर इस तरह लटका दिया जाय कि आइन्दा 100 साल तक मैं यूंही लटका रहूं ताकि कोई भी इस तरह का जुर्म करने की जसारत ( ज़ुर्रत/ दिसाहस) ना कर सके।

नरेंद्र मोदी ने अगरचे इस से क़बल कई इंटरव्यू दिए हैं लेकिन उन्हों ने पहली मर्तबा उर्दू हफ़तावार को ये इंटरव्यू दिया। इंटरव्यू निगार ने जब उन से पूछा कि माबाद ( गुजरे) गोधरा फ़सादाद के लिए क्या वो इसी तरह माज़रत ख़्वाही के लिए तैयार हैं जिस तरह सोनीया गांधी और मनमोहन सिंह ने 1984 मुख़ालिफ़ सिक्ख फ़सादाद के लिए माज़रत ख़्वाही ( माँफी मांगी) की थी।

नरेंद्र मोदी ने साफ़ इनकार करते हुए कहा कि अगर वो ख़तावार हैं तो उन्हें फांसी पर लटका दिया जाय। उन्होंने बताया कि मोदी से बातचीत बिलकुल आज़ादाना माहौल में हुई। मोदी ने गुजरात में मुसलमानों के क़तल-ए-आम के लिए जो लोग मुझ से माफ़ी मांगने से मुताल्लिक़ ( संबंधित) बात कर रहे हैं, वही मुश्किलात पैदा कर रहे हैं।

अगर मोदी ने कोई ग़लती की है तो वो सज़ा का मुस्तहिक़ (योग्य) भी है, लेकिन मुझे सयासी मक़सद बरारी केलिए निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने मीडीया पर इल्ज़ाम आइद किया है कि वो दस साल पुराने वाक़िया को कुरेद रहा है।

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