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मुसलमानों को तहफ़्फुज़ात के लिए सियासत की मुहिम पर नौजवानों का गरमजोशाना रधे अमल

हैदराबाद 09 सितंबर: तेलंगाना में मुसलमानों को 12 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात की फ़राहमी में ताख़ीर से तलबा बिरादरी को नाक़ाबिल तलाफ़ी नुक़्सान का सामना करना पड़ रहा है। जारीया साल क़ौम 212 डॉक्टर्स और 140 डीजीटल नशिस्तों से महरूम हो गए और ताख़ीर से नुक़्सान और लाहक़ ख़तरात के सबब सियासत ने तहरीक का आग़ाज़ किया है।

रोज़नामा सियासत की शुरू करदा तहरीक के ज़बरदस्त नताइज सामने आरहे हैं। मंडल सतह पर तहसील दफ़ातिर-ओ-ज़िलई सतह पर आर डी ओ ज़िला कलेक्टरस को नुमाइंदगियों के लिए बड़े पैमाने पर तैयारीयों का आग़ाज़ हो चुका है। मुसलमानों की ताक़त एक और नुमाइंदगी एक के तहत तहफ़्फुज़ात के अमल को यक़ीनी बनाने सियासत ने नुमाइंदगियों के लिए प्रोफोर्मा भी जारी किया और अख़बार सियासत में उसे शाय भी किया। ताहम शहरी सतह के बनिसबत ज़िलई सतह पर 12 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात की तहरीक पर अवामी रद्द-ए-अमल ज़्यादा हासिल हो रहा है।

तेलंगाना के कई अज़ला में सियासत की कापीयां ज़ीराक्स करवाई गयों और तन्ज़ीमों-ओ-इदारों के ज़िम्मेदारों ने उनकी मदद से नुमाइंदगियों की तैयारी की शुरूआत कर दी हैं। 12 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात के सबब सबसे ज़्यादा फ़ायदा मुसलमानों की नौजवान नसल को होगा जो क़ौम-ओ-मिल्लत का असासा है। तालीमी मैदान में मवाक़े ना होने से तर्क तालीम-ओ-तालीमी क़ाबिलीयत के बावजूद बेरोज़गारी , परेशान नौजवान नसल बदहाली और एहसास कमतरी का शिकार हो रही है।

कई दहों से नौजवान मुस्लिम नसल की तामीरो तरक़्क़ी पर मुतवज्जा रोज़नामा सियासत ने 12 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात के ज़रीये क़ौम के मुस्तक़बिल को संवारने की तहरीक का आग़ाज़ कर दिया।

इंटरमीडीएट और ग्रेजूएट कामयाब नौजवान नसल के लिए सरकारी मुलाज़िमतों का एक बेहतर मौक़ा दस्तक दे रहा है जो सिर्फ और सिर्फ तहफ़्फुज़ात के सबब महरूमी का शिकार हो सकते हैं।

ताहम तहफ़्फुज़ात की अमल आवरी में ताख़ीर के सबब जिस तरह (212) मेडिकल और 140 डेंटल की नशिस्तों से महरूम क़ौम को 15 हज़ार जायदाद में भी 8 फ़ीसद का नुक़्सान होगा और सिर्फ 4 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात ही हासिल होंगे। रोज़नामा सियासत ने बग़ैर क़ानूनी रुकावट के तहफ़्फुज़ात को यक़ीनी बनाने बी सी कमीशन की सिफ़ारिश के लिए हुकूमत पर दबाओ डालने के लिए तहरीक का आग़ाज़ किया चूँकि सिवाए बी सी कमीशन के कोई और सिफ़ारिश काबिल-ए-क़बूल नहीं होगी और बी सी कमीशन की सिफ़ारिश पर दिए गए तहफ़्फुज़ात को क़ानूनी रुकावट का सामना भी नहीं रहेगा

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