मुसलमानों को बेरहमी से पीट रहे हैं गौरक्षकों के गुंडे, क्या कानून बन चुकी है लाचार?

मुसलमानों को बेरहमी से पीट रहे हैं गौरक्षकों के गुंडे, क्या कानून बन चुकी है लाचार?

गौरक्षकों का तांडव देश मे रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है एक ताजा घटना में रोहतक में देखने को मिला है। गौरक्षकों ने यहां एक मवेशी व्यापारी नौशाद अहमद को खंभे से बांध कर लगातार दो घंटों तक पीटाई की।

पलपल न्यूज़ पर छपी खबर के मुताबिक नौशाद अहमद के लिए 19 जनवरी का दिन भी एक सामान्य दिन की तरह ही था, वह अपने मवेशियों को लेकर बेचने जा रहा था तभी उसे रोहतक में गौरक्षकों ने रोका, रात के करीब 8 बज रहे होगें तब रोहतक के भालाउट गांव के पास जसपाल गुमाना ने रोका वह अपने स्कूटर से लगातार मेरी गाड़ी का पीछा कर रहा था।

नौसाद का कहना था कि जैसे ही मैने गाड़ी रोकी गुमाना गौ तसकर, गौ तसकर चिलानें लगा, जिससे आस-पास के गांव वाले जुट गए। नौशाद अहमद ने बताया की भी़ड़ में ज्यादातर नौजवान लड़के थे, जिनके हाथ में डंडे थे, मुझे एक पोल से बांध दिया गया और पीटा गया। मुझे जब तक कुछ समझ आता तब तक मुझे लहूलुहान कर दिया गया था, वो मुझे लगातार मार रहे थे और गौ तस्कर चिला रहे थे।

लगभग दो घंटे के बाद वहां पुलिस आई और मुझे पुलिस स्टेशन ले गई. नौशाद का कहना है कि पुलिस ने मुझे हथकड़़ी लगा दी और पुलिस स्टेशन के फर्श पर बैठा दिया, मैं बार-बार पुलिस वालों से डॉक्टर के पास ले जाने की गुहार लगा रहा था क्योंकि मैं काफी दर्द में था।

रोहतक में नागरिक समाज के सदस्यों द्वारा मारपीट की बात सुनने के बाद वो अगले दिन पुलिस स्टेशन पहुंचे और के गंभीर आरोप को लेकर अधिकारियों से पूछताछ की। अधिवक्ता राजकुमारी दहिया ने कहा कि जब वे पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो नौशाद अर्ध-चेतन अवस्था में था और आरोपी गुमाना एक कुर्सी पर बैठा था और चाय पी रहा था।

रोहतक के पुलिस अधीक्षक जशनदीप सिंह रंधावा ने कहा कि इस मामले को देखने और मामले की तह तक जाने के लिए सहायक पुलिस अधीक्षक मसूद अहमद के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया हैह

कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री सुभाष बत्रा ने नौशाद पर हमले की निंदा की और कहा कि यही आज की सच्चाई है, जब लोग विभाजनकारी राजनीति के कारण कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं।

उन्होंने कहा, “पुलिस से नियम के अनुसार कार्रवाई करने की उम्मीद थी, लेकिन नौशाद द्वारा बताई गई बात और पुलिस महकमें की चुप्पी सब कुछ साफ साफ बता रही है कि ये सब पुलिस और गौ रक्षकों के मिली भगत से हुआ है।

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