‘मुसलमानों को राजनीति में शामिल होना चाहिए और खुद अपना भाग्य विधाता बनना चाहिए’

‘मुसलमानों को राजनीति में शामिल होना चाहिए और खुद अपना भाग्य विधाता बनना चाहिए’
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अक्सर विवादों में घिरे रहने वाले एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बयान देते हुए कहा कि, मुसलमानों को  वापस लड़ना चाहिए तथा राजनीति में शामिल होना चाहिए और खुद अपना भाग्य विधाता बनना चाहिए.  गौरतलब है कि ओवैसी का यह बयान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी  की टिपण्णी  को लेकर उन्हें बीजेपी द्वारा निशाना बनाए जाने के परिप्रेक्ष्य में उठे सवाल के जवाब के तौर पर सामने आया है.

हालांकि कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी की कथित टिप्पणी के बारे में उर्दू अखबार में छपी खबर को सिरे से खारिज करते हुए इसे कोरी अफवाह बताया है. ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहाद उल मुसलिमीन के प्रमुख ओवैसी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, ‘‘ मुसलमानों को सचाई स्वीकार करनी चाहिए , जहर के इस घूंट को पीना चाहिए , खड़े होना चाहिए , वापस लड़ना चाहिए , राजनीति में शामिल होना चाहिए. ’’

ओवैसी ने उर्दू अखबार में छापी गई स्टोरी का बचाव करते हुए उर्दू दैनिक के संपादक को एक मीडिया रिपोर्ट टैग की और कहा कि वह पिछले सप्ताह मुस्लिम विद्वानों के साथ बैठक के दौरान राहुल गांधी द्वारा की गई टिप्पणी के साथ खड़े हैं. उन्होंने अपने ट्वीट के साथ आखिरी मुग़ल बादशाह बहादुर शाह जफर की लिखी उर्दू गजल ‘ ना किसी की आंख का नूर हूं, ना किसी के दिल का करार हूं ’ की कुछ पंक्तियां भी लिखीं.

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