Wednesday , December 13 2017

मुसलमानों में इत्तेहाद वक़्त का तक़ाज़ा

आलम इस्लाम में इस वक़्त पैदा होने वाली बेचैनी को दूर करने के लिए मुसलमानों में इत्तेहाद वक़्त का तक़ाज़ा है । इमाम हरम शरीफ़ डाक्टर शेख़ ख़ालिद बिन अली अलग़ामदी ने लखनऊ में जल्सा-ए-आम से ख़िताब करते हुए कहा कि मुस्लमानों में इत्तेहाद ज़

आलम इस्लाम में इस वक़्त पैदा होने वाली बेचैनी को दूर करने के लिए मुसलमानों में इत्तेहाद वक़्त का तक़ाज़ा है । इमाम हरम शरीफ़ डाक्टर शेख़ ख़ालिद बिन अली अलग़ामदी ने लखनऊ में जल्सा-ए-आम से ख़िताब करते हुए कहा कि मुस्लमानों में इत्तेहाद ज़रूरी है इत्तेहाद ही बहुत बड़ी ताक़त है ।

अगर मुसलमान इस ताक़त से महरूम हो जाएं तो ग़यूर ताक़तें उन्हें परेशान करेंगी और ये ताक़तें उस वक़्त सारी दुनिया में सरगर्म हैं । इमाम काअबा(काबा) ने मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के साबिक़ सरबराह मौलाना अली मियां के नाम से मौसूम इंस्टीटियूट आफ़ मेडीकल साईंस ( दवाख़ाना) का इफ्तेताह ( उदघाटन) अमल में लाया ।

इस इफ़्तेताही तक़रीब में मुसलमानों की कसीर तादाद शरीक थी । इमाम काअबा ने जल्सा-ए-आम के दौरान हिंदूस्तान और आलिम इस्लाम में अमन-ओ-अमान की दुआ की और हाज़िरीन से भी दुआ कराई। तक़रीब को मौलाना सैयद सुलेमान हसनी नदवी मौलाना यहया नुमानी और मौलाना सलमान फ़ारूक़ी ने भी ख़िताब किया। दवाख़ाना का इफ़्तेताह करने के बाद इमाम ए हरम शरीफ़ ने नमाज़ ज़ुहर की इमामत की ।

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