Wednesday , December 13 2017

मुसलमानो की खुशी के लिए ‘ऊं’ का जाप बंद नहीं होगाः साध्वी प्राची

नई दिल्ली: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तरफ से योग के दौरान ऊं के तलफ्फुज़ पर ऐतराज़ जताए जाने के बाद साध्वी प्राची ने कहा कि उलेमाओं की ख़ुशी के लिए 'ऊं' का तलफ्फुज़ करना बंद नहीं कर सकते.

नई दिल्ली: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तरफ से योग के दौरान ऊं के तलफ्फुज़ पर ऐतराज़ जताए जाने के बाद साध्वी प्राची ने कहा कि उलेमाओं की ख़ुशी के लिए ‘ऊं’ का तलफ्फुज़ करना बंद नहीं कर सकते. साध्वी के मुताबिक योग और ऊं का तलफ्फुज़ हिंदुओं की कदीम रिवायत है.

इसे महज इसलिए बंद नहीं किया जा सकता कि मुसलमानों को इसके इस्तेमाल पर ऐतराज़ हैं. उन्होंने कहा कि मुल्क में मुसलमानो की बढ़ती आबादी ने मुल्क की तरक्की को रोका हुआ है. जिन मुसलमानो को योग और ‘ऊं’ के तलफ्फुज़ पर ऐतराज है, वे दुनिया के 177 मुल्को को छोड़कर कहीं भी जा सकते हैं, क्योंकि इन सभी मुल्कों में इंटरनेशनल योगा डे मनाया गया है.’

साध्वी प्राची के बाद भाजपा एमपी महंत आदित्यनाथ ने भी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को योग के मुद्दे पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अगर योग और ऊं के मुद्दे पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड कोर्ट जाना चाहता है तो जा सकता है, क्योंकि ऐसे लोग अंधेरे में रहने के आदी हो चुके हैं. यह लोग जो योग का मुखालिफत कर रहे हैं वे मनफी हैं और मुल्क की तरक्की कभी नहीं देख सकते. ऐसे लोग अंधेरे में रहने के आदी हो चुके हैं.

उत्तरप्रदेश के भाजपा इंचार्ज ओम माथुर ने भी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर तंज कसते हुए कहा कि योग को न सिर्फ पूरी दुनिया बल्कि 48 मुस्लिम मुल्क की भी ताइद हासिल हैं. ऐसे में इसे किसी भी मज़हब और ज़ात से जोड़ना बिल्कुल गलत है. फिर भी जिन्हें योग को लेकर ऐतराज़ हैं, वे कोर्ट जा सकते हैं.

कैलाश विजयवर्गीय ने भी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर तज़ कसते हुए कहा कि इंटरनेशनल योगा डे पर सिर्फ दो तरह के ही लोग योग नहीं कर पाए. एक वे जो जिस्मानी तौर पर नाअहल थे और दूसरे वे लोग जो ज़हनी तौर पर बीमार थे.

TOPPOPULARRECENT