Friday , December 15 2017

मुसलमानो के घरों और दुकानों पर हमला, तीन मुसलमान शहीद, कर्फ़यू नाफ़िज़

श्रीलंका में एक बुनियाद परस्त बुद्धिस्ट ग्रुपों की जानिब से मुसलमानों के घरों और कारोबारी इदारों पर हमलों में तीन मुसलमान शहीद हो गए हैं जबकि सौ के क़रीब लोग ज़ख़्मी हुए हैं। हालात पर क़ाबू पाने के लिए इंतेज़ामीया ने दो जुनूबी शहरो

श्रीलंका में एक बुनियाद परस्त बुद्धिस्ट ग्रुपों की जानिब से मुसलमानों के घरों और कारोबारी इदारों पर हमलों में तीन मुसलमान शहीद हो गए हैं जबकि सौ के क़रीब लोग ज़ख़्मी हुए हैं। हालात पर क़ाबू पाने के लिए इंतेज़ामीया ने दो जुनूबी शहरों में कर्फ़यू नाफ़िज़ कर दिया है।

मौसूला इत्तेला के मुताबिक़ आलथगामा शहर में एक बौद्व मत के पैरोकारों की रैली के बाद तशद्दुद शुरू हुआ।जिस के दौरान रैली में शामिल लोगों ने पथराओ करते हुए मुसलमानों के इमलाक और दुकानों वग़ैरह को निशाना बनाने की इत्तेलात हैं। ।बाद में बीरू वाला शहर में भी कर्फ़यू लगाया गया जो एक मुस्लिम अक्सरीयती शहर है।

बौद्व मत अक्सरीयत वाले श्रीलंका की आबादी में तक़रीबन 10 फ़ीसद मुसलमान हैं।हालिया दिनों में नसली हमलों के बाद मुस्लिम रहनुमाओं ने सदर महिंदा राजपक्षे से ये अपील की कि उन्हें तशद्दुद से तहफ़्फ़ुज़ दिया जाये। दूसरी तरफ़ बौद्व मत कम्यूनिटी का इल्ज़ाम है कि अक़लीयतों का हुकूमत पर ज़रूरत से ज़्यादा असर है।

ऐनी शाहिदीन के मुताबिक़ मुसलमानों को मुक़ामी बसों से उतार कर मारा गया और लूट मार की ख़बरें भी हैं। कहा जा रहा है कि बोडो बाला सेना या बौद्व मत ब्रिगेड की रैली के बाद ये झड़पें शुरू हुईं। तीन दिन पहले एक बौद्व राहिब के ड्राईवर और मुस्लिम नौजवानों के दरमियान थोड़ी सी झड़प भी हुई थी।

ख़बरों के मुताबिक़ रैली मुनाक़िद करने के बाद बोडो बाला फौज ने मुस्लिम इलाक़ों में घुस कर मुस्लिम मुख़ालिफ़ नारे लगाए और पुलिस को तशद्दुद को दबाने के लिए आँसू गैस इस्तेमाल करनी पड़ी। ग़ैर मुसद्दिक़ा इत्तेलात के मुताबिक़ स्कियोरटी फ़ोर्सेज़ ने फायरिंग भी की।

ऐनी शाहिदीन का कहना है कि मुसलमानों के घरों और एक मस्जिद पर पथराओ किया गया।आलथगामा में मौजूद एक नामा निगार का कहना है कि हालात वाज़ेह नहीं हैं और कई और इलाक़ों में तशद्दुद फैल गया है।ऐसा लग रहा है कि श्रीलंका के मीडीया ने तशद्दुद की ख़बरें शाय ना करने का फ़ैसला किया है क्योंकि इसका ज़िक्र कहीं कहीं नज़र आता है।

सदर महिंदा राजपक्षे ने इस मामले की तहक़ीक़ात का हुक्म दिया है।सदर ने ट्विटर पर कहा कि हुकूमत किसी को भी क़ानून अपने हाथ में नहीं लेने देगी। मैं हर एक से ज़बत बरतने की अपील करता हूँ |

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