मुसलमान बीजेपी को वोट नहीं देते: रविशंकर प्रसाद

मुसलमान बीजेपी को वोट नहीं देते: रविशंकर प्रसाद
Click for full image

ऐसे में बीबीसी का मशहूर हार्डटॉक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले स्टीफ़न सकर ने भारत के केंद्रीय कानून और न्यायमंत्री रविशंकर प्रसाद से बात की और पूछा कि क्या आज़ादी मिलने के बाद भारत आज अपने सबसे काले दौरे से गुज़र रहा है?

स्टीफ़न ने पूछा कि हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी बीजेपी के नेता नरेंद्र मोदी एक ऐसे देश का नेतृत्व कर रहे हैं जहां 20 करोड़ ग़ैर-हिंदू रहते हैं और भारत जैसे धार्मिक विविधिता वाले देश में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव, घृणा और नफ़रत को लेकर कई देशी और विदेशी पर्यवेक्षक चिंता जता चुके हैं.

इन चिंताओं को ख़ारिज करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत को दिल में रखकर काम करती है.

तो फिर जनता की चुनी हुई बीजेपी सरकार के 282 लोकसभा सांसदों में से एक भी सांसद मुस्लिम क्यों नहीं है? इस पर रविशंकर प्रसाद ने माना कि बीजेपी को मुसलमानों के ज़्यादा वोट नहीं मिले हैं.

बीजेपी को मुसलमानों के वोट क्यों नहीं मिले? या वह मुसलमानों के वोट चाहती ही नहीं है? क्या हिंदू राष्ट्रवाद पार्टी कही जाने वाली बीजेपी को मुसलमानों के समर्थन के ज़रूरत ही नहीं है?

भारत में मुसलमानों की आबादी अगर तक़रीबन 20 करोड़ है तो फिर उनकी अनदेखी की वजह क्या है?

इस पर रविशंकर प्रसाद ने कहा, “भले ही मुसलमानों ने उन्हें वोट ना किया हो लेकिन उनकी सरकार हमेशा मुसलमानों के विकास के लिए काम करती रही है.”

क़ानून मंत्री का दावा है कि उनकी “पार्टी के ख़िलाफ़ चलाए गए तीख़े अभियानों की वजह से ही मुसलमान बीजेपी को वोट नहीं करते.”

रविशंकर प्रसाद का दावा है कि उनकी सरकार के विकास की वजह से ही जनता ने उन्हें हर बार जिताया है. उन्होंने अपनी सरकार की चलाई कई योजनाएं भी गिनाईं.

लेकिन हाल में हुए कर्नाटक चुनावों में बीजेपी के एक नेता का बयान उनके इन दावों पर सवाल खड़े करता है. एक चुनावी सभा में बीजेपी नेता संजय पाटिल ने कहा था कि इस चुनाव के मुद्दे सड़क, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं है बल्कि ये चुनाव हिंदू बनाम मुस्लिम है.

इस सवाल पर रविशंकर प्रसाद ने कहा, “पार्टी से जुड़े एक व्यक्ति के बयान को पूरी पार्टी की विचारधारा बताना सही नहीं है.”

उन्होंने अपनी बात को दोहराते हुए कहा, “हमारी सरकार विकास करने आई है और लोगों का वोट भी विकास के नाम पर ही मिला है.”

लिंचिंग के शिकार मुसलमानों को इंसाफ कब?

मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल की एक ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़ गौहत्या और बीफ़ रखने के शक़ में अप्रैल 2017 से अब तक कम से कम 10 मुसलमानों को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला है.

एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक़ इनमें से कई मामलों में बीजेपी के गौरक्षा के अभियान से प्रोत्साहित गौ रक्षकों का हाथ था.

इस पर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसी संस्था की रिपोर्टों पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए.

उन्होंने आरोप लगाया कि “भारत के मानवाधिकार सम्बन्धी मामलों में एमनेस्टी इंटरनेशनल का रुख हमेशा भेदभाव पूर्ण रहा है.”

साभार- बीबीसी हिंदी

Top Stories