मुसलसिल बर्क़ी मसदोदी से किसान बेज़ार

मुसलसिल बर्क़ी मसदोदी से किसान बेज़ार
बर्क़ी मसदोदी, कम वोल्टेज से परेशान किसान काशत कररही फसलों के लिए ज़रूरी आब सरबराह करने के लिए हज़ारों रुपये सिर्फ़ होने की फ़िक्र ना करते हुए जनरेटरों से अपने अपने खेतों को पानी सरबराह कररहे हैं।

बर्क़ी मसदोदी, कम वोल्टेज से परेशान किसान काशत कररही फसलों के लिए ज़रूरी आब सरबराह करने के लिए हज़ारों रुपये सिर्फ़ होने की फ़िक्र ना करते हुए जनरेटरों से अपने अपने खेतों को पानी सरबराह कररहे हैं।

येल्लारेड्डी हलक़ा के गंधारी, ताड़वाई, सदाशीवनगर, लिंगमपेट, येल्लारेड्डी और नागीरेड्डीपेट मंडलों के किसान ज़राअत के लिए जनरेटरस का इस्तेमाल कररहे हैं।

आख़िरी मरहले में काशत होरही फ़सल धान, कपास, तर्कारीयों को किसान जनरेटर से आबी सरबराही करने पर मजबूर हैं वर्ना उनकी मेहनत ज़ाए होने का ख़दशा है।

बर्क़ी की नाक़िस सरबराही से काशत की गई फ़सलें तबाही के दहाने पर पहुंच गई हैं। जिस को किसानों ने हिम्मत करके काफ़ी रुपये ख़र्च करते हुए जनरेटर से काशत करके फसलों को किसी क़दर बचाने में लगे हैं।

कसीर रक़म के सर्फ़ा पर भी किसान पीछे नहीं हट रहे हैं। कम अज़ कम रोज़ाना पाँच हज़ार रुपये जनरेटर को चलाने पर ख़र्च किए जा रहे हैं।

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