Thursday , December 14 2017

मुस्कुरा देना भी सदक़ा है

हज़रत अबु ज़र गफ्फारी रज़ी अल्लाहु तआला अन्हो से रिवायत है के, रसूल-ए-पाक सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया, तेरा अपने भाई के सामने मुस्कुरा देना सदक़ा है, भलाई का हुक्म देना सदक़ा है, और बुराई से रोक देना सदक़ा है, किसी राह भटके को राह दिखाना तेरे लिए सदक़ा है।

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