मुस्लमानों के लिए लम्हा फ़िक्र

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मस्जिद क़ुतुब शाही सात गुमबद ग़ैर आबाद

मस्जिद क़ुतुब शाही सात गुमबद ग़ैर आबाद
मस्जिद क़ुतुब शाही तामीर 1650 में मुकम्मल हुई जो गुमबद जमशेद क़ुतुब शाह से मुत्तसिल है । ये मस्जिद फ़न तामीर के लिहाज़ से शाही गुमबदों में अपनी नादिर वज़ा के बाइस मशहूर है । बुज़ुर्गों का कहना है ये मस्जिद जमशेद के नाम से मशहूर थी । मस्जिद ग़ैर आबाद होने की वजह से मस्जिद में नौजवान लड़के लड़कीयां ख़रमसतीयाँ में मशग़ूल हैं । मस्जिद के अतराफ़ कोई हिसार भी नहीं है । अल्लाह का ये घर इस वक़्त किसी भी तहफ़्फ़ुज़ के बगै़र अपनी माज़ी की शान-ओ-शौकत के साथ खड़ी हुई है । मस्जिद के अंदरूनी हिस्सा में नौजवान जगह जगह I Love You की इबारत से कुंदा करदी है । जो इस के तक़द्दुस को पामाल कररही है । महिकमा आसारे-ए-क़दीमा सात गुमबद के 15 मसाजिद के तहफ़्फ़ुज़ में नाकाम होचुका है ।।

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