Friday , January 19 2018

मुस्लमानों को रिज़र्वेशन देने नया ज़मुरा बनाने का मुतालिबा

इस अंदेशा का इज़हार करते हुए कि अगर हुकूमत ने दीगर पसमांदा तब्क़ात (ओ बी सीज़) के लिए दिए गए असल 27 फ़ीसद रिज़र्वेशन में मज़ीद नए तब्क़ात को भी शामिल किया तो ये कोटा पूरी तरह से बेमानी(बेईमानी) हो जाएगा, दीगर पसमांदा तब्क़ात मुलाज़मीन की अंजुम

इस अंदेशा का इज़हार करते हुए कि अगर हुकूमत ने दीगर पसमांदा तब्क़ात (ओ बी सीज़) के लिए दिए गए असल 27 फ़ीसद रिज़र्वेशन में मज़ीद नए तब्क़ात को भी शामिल किया तो ये कोटा पूरी तरह से बेमानी(बेईमानी) हो जाएगा, दीगर पसमांदा तब्क़ात मुलाज़मीन की अंजुमन के कल हिंद मुत्तहदा फ़ोर्म ने आज इस कोशिश को रोकने के लिए दिन भर का धरना दिया।

इजतिमा से ख़िताब करते हुए इस फ़ोर्म के नैशनल कन्वीनर कस्तूरी जिया प्रसाद ने कहा कि हुकूमत को इसका लाज़िमी तौर पर एहसास होना चाहीए कि अगर 27 फ़ीसद कोटा में इसने कुछ नए तब्क़ात को भी शामिल कर दिया तो हक़ीक़ी ओ बी सीज़ के लिए कितना रिज़र्वेशन बाक़ी रह जाएगा।

उन्होंने बताया कि 1993 से अब तक दीगर पसमांदा तब्क़ात के कोटा में कम-ओ-बेश (ज्यादा) 1700 नए तब्क़ात को शामिल किया गया है, लिहाज़ा अब मौजूदा ओ बी सीज़ में किसी नए तब्क़ा को क़तई शामिल ना किया जाए क्योंकि इससे किसी का फ़ायदा नहीं होगा।

TOPPOPULARRECENT