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मुस्लमानों को 12 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात के लिए क़ानूनसाज़ी ज़रूरी

निज़ामबाद 12 अक्टूबर:अमीर हलक़ा जमात-ए-इस्लामी हिंद तेलंगाना-ओ-उड़ीसा मौलाना हामिद मुहम्मद ख़ान ने नॉलिज पार्क इंटरनेशनल स्कूल ग्राऊंड निज़ामबाद पर प्रेस कांफ्रेंस को मुख़ातिब करते हुए कहा कि किसान अनाज पैदा करता है और इस को अऩ्ना दाता कहा गया लेकिन अफ़सोस की बात हैके आए दिन किसान ख़ुदकुशीयाँ कर रहे हैं उसके लिए हुकूमत संजीदा कोशिशें करे जमात-ए-इस्लामी हिंद ये मुतालिबा करती हैके किसानों को बिला सूदी क़र्ज़ फ़राहम किया जाये और क़र्ज़ की आम माफ़ी का एलान किया जाये जिस तरह एमरजेंसी में किया गया।

वाज़िह रहे के बहुत से किसान सेंदी लानत शराब की लानत और अपने बच्चों के तालीमी अख़राजात बर्दाश्त ना करने के नतीजे में ख़ुदकुशी करने पर मजबूर हो गए। रियासत तेलंगाना में शराब , ताड़ी, अल्कोहल , नशा आवर अश्याय, गुटखा,तंबाकू वग़ैरा पर सख़्ती के साथ पाबंदी आइद की जाये।

सरकारी तालीमी इदारों को कॉरपोरेट इदारों की तरह तरक़्क़ी दी जाये और जो कॉरपोरेट तालीमी इदारे हैं उन्हें फ़ौरी बंद कर दिया जाये। सरकारी दवाख़ानों को कॉरपोरेट दवाख़ानों की तरह तरक़्क़ी दी जाये।

स्वामीनाथन कमीशन के रिपोर्ट-ओ-सिफ़ारिशात को ज़रई शोबे में नाफ़िज़ किया जाये। अमीर हलक़ा ने ये भी कहा के मुस्लमानों को 12 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात देने के सिलसिले में सुधीर कमेटी के ज़रीये ताख़ीर करना वक़्त का ज़या है। सुधीर कमेटी की कोई क़ानूनी हैसियत नहीं पाई जाती। जबकि जस्टिस सच्चर कमेटी की सिफ़ारिशात और रंगनाथ मिश्रा कमीशन की सिफ़ारिशात मौजूद हैं।

जस्टिस रंगनाथ मिश्रा ने तो बड़ी वज़ाहत के साथ अपनी सिफ़ारिश में कहा कि ज़रूरत पड़ने पर दस्तूर में तरमीम करते हुए मुस्लमानों को तालीम रोज़गार और दुसरे शोबाजात में तहफ़्फुज़ात फ़राहम किए जाएं।

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