Tuesday , December 12 2017

मुस्लिमों को कुछ फिर्कापरस्त बन जाना चाहिए: शाजिया इल्मी

आम आदमी पार्टी (आप) की लीडर शाजिया इल्मी ने कहा है कि मुस्लिम वोट बंट जाते हैं, क्योंकि वे ज्यादा ही सेक्युलर हैं और उन्हें कुछ फिर्कावाराना बन जाना चाहिए और अपने ज़ाती भलाई को ध्यान में रखकर वोट डालना चाहिए |

आम आदमी पार्टी (आप) की लीडर शाजिया इल्मी ने कहा है कि मुस्लिम वोट बंट जाते हैं, क्योंकि वे ज्यादा ही सेक्युलर हैं और उन्हें कुछ फिर्कावाराना बन जाना चाहिए और अपने ज़ाती भलाई को ध्यान में रखकर वोट डालना चाहिए |

शाजिया ने कहा, बहुत ज्यादा सेक्युलर मत होइए|मुसलमान बहुत ही ज्यादा सेक्युलर होते हैं, उन्हें फिर्कापरस्त बनना चाहिए| वे फिर्कापरस्त नहीं होते हैं और अपने लिए वोट नहीं डालते अरविंद केजरीवाल हमारे हैं | मुसलमान तवील वक्त तक सेक्युलर रहे | कांग्रेस को वोट दिया और उन्हें जीताने में मदद की इतना सेक्युलर मत होइए और इस बार अपने घर (कम्युनिटी) की ओर भी देखिए |

उन्होंने कहा, दूसरी पार्टियों के अपने एकजुट वोटबैंक हैं और मुस्लिम वोट बंट जाते हैं. यह एक मुतानाज़ा बयान है, लेकिन हमें अपने मुफाद की ओर देखना चाहिए गाजियाबाद की आप की उम्मीदवार एक वीडियो में मुस्लिम कम्युनिटी के मेम्बरों से यह बातचीत करते हुए नजर आ रही हैं |

आम आदमी पार्टी ने ट्विटर पर जारी एक पैगाम में इस बयान से अपने को अलग करते हुए कहा कि, हमारे सभी नुमाइंदे को लफ्ज़ों के इंतेखाब में होशियार रहना चाहिए, ताकि उसकी गलत तशरीह की कोई गुंजाइश नहीं रहे. आप के लीडर मनीष सिसौदिया ने ट्वीट किया, मैंने शाजिया की क्लिप देखी. उन्हें यह नहीं कहना चाहिए | आप फिर्कावाराना पालिसी में यकीन नहीं करती |

हमारी सियासत सभी हिंदुस्तानियों को एकजुट करने की है इल्मी के बयान पर तनाज़ा छिड़ने के बाद गाजियाबाद से आप उम्मीदवार ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई तब्सिरा नहीं किया है, जिससे नफरत फैलती हो. उन्होंने कहा, मैं इस पर कायम हूं. मैंने कहा था कि हमें कम्युनिटी के बारे में पहले सोचना चाहिए जब दूसरे लोग सेक्युलर नहीं हैं, तो हम क्यों सेक्युलर हों यह लफ्ज़ों से खेलना है |

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