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मुस्लिम तहफ़्फुज़ात का वादा वर्ंगल ज़िमनी चुनाव में टी आर एस केलिए सख़्त चैलेंज

हैदराबाद 13 नवंबर: मुसलमानों को 12 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात की फ़राहमी का वादा वर्ंगल में टी आर एस केलिए वबाल जान बन चुका है और पार्टी इस हलके से किसी भी हालत में कामयाबी के लिए अक़लियतों ताईद हासिल करने कोशां है।

अक़लियतों की ताईद के हुसूल के लिए उसे 12 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात के वादे पर मौक़िफ़ की वज़ाहत करनी होगी। बताया जाता हैके वर्ंगल लोक सभा हलक़ा की चुनाव मुहिम के दौरान वुज़रा और टी आर एस क़ाइदीन को हर मुक़ाम पर अक़लियतों की तरफ से 12फ़ीसद तहफ़्फुज़ात के वादे की याददहानी कराई जा रही है और वो कोई वाज़िह जवाब देने के मौक़िफ़ में नहीं है।

सियासत की तरफ से हुकूमत के इस वादे की याददहानी के सिलसिले में शुरू की गई तहरीक का असर वर्ंगल में साफ़ तौर पर दिखाई देने लगा है जिसके बाइस टी आर एस क़ाइदीन तशवीश में मुबतला हैं कि पार्टी अक़लियतों की ताईद के बग़ैर किस तरह कामयाबी हासिल करेगी।

बावसूक़ ज़राए ने बताया कि टी आर एस को अंदाज़ा नहीं था के तहफ़्फुज़ात की फ़राहमी का वादा वर्ंगल में इस का तआक़ुब करेगा और हुकूमत की तशकील के बाद अक़लियतों से मुताल्लिक़ अहम वादे के बारे में पार्टी को सख़्त इमतेहान का सामना है।

अक़लियतें दुसरे वादों के बरख़िलाफ़ तहफ़्फुज़ात के वादे के सिलसिले में क़ाइदीन से इस्तेफ़सारात करते हुए हुकूमत की कारकर्दगी को तहफ़्फुज़ात के वादे की कसौटी पर जांचने का फ़ैसला कर चुके हैं।

अक़लियतों में शऊर बेदारी ने टी आर एस हलक़ों में बेचैनी पैदा कर दी है और वो तरह तरह से अक़लियतों को यक़ीन दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि हुकूमत किसी भी हालत में तहफ़्फुज़ात के वादे पर अमल करेगी। बाज़ मुक़ामात पर क़ाइदीन से राय दहिंदों को इस मसले पर उलझते हुए भी देखा गया है।

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