मुस्लिम देशों की आलोचना के बाद सऊदी अरब ने फलस्‍तीनीयों और मस्जिद अल अक्सा को लेकर इजरायल के खिलाफ़ लिया बड़ा फैसला!

मुस्लिम देशों की आलोचना के बाद सऊदी अरब ने फलस्‍तीनीयों और मस्जिद अल अक्सा को लेकर इजरायल के खिलाफ़ लिया बड़ा फैसला!

सऊदी कैबिनेट ने मंगलवार को अल-अक्सा मस्जिद और फिलीस्तीनी लोगों के खिलाफ इजरायल के उल्लंघन की निंदा की। सऊदी कैबिनेट में इजराइल के अतिक्रमण के खिलाफ भी कई बड़े फैसले लिए गये।

अरब न्यूज़ के मुताबिक, फिलिस्तीनियों पर हो रहे बद से बदतर ज़ुल्मों के लिए भी सऊदी कैबिनेट ने इजराइल की आलोचना की। साथ ही फिलिस्तीनियों के कानूनी अधिकारों के लिए सऊदी ने अपने पूर्ण समर्थन का आश्वासन भी दिया। सऊदी कैबिनेट ने कहा कि सऊदी पहले से फिलिस्तीनियों का समर्थन करता आया है और यह आगे भी जारी रहेगा।

सऊदी कैबिनेट ने कहा कि वह 2002 के अरब शांति पहल के मुताबिक, पूर्वी यरूशलेम को फिलिस्तीन की राजधानी के रूप में देखते आयें है। इजराइली सैनिकों का फिलिस्तीनियों पर हमला जारी है। इजराइल अब फिलिस्तिनियों पर हमले करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है साथ ही सबसे खतरनाक गैसों से भी हमला कर रहा है।

वहीँ दूसरी तरफ, अल-यमामाह पैलेस में किंग सलमान की अध्यक्षता में, कैबिनेट ने ट्रम्प प्रशासन की सराहना की और अमेरिका के आधिकारिक दौरे के दौरान क्राउन प्रिन्स मोहम्मद बिन सलमान और उनके प्रतिनिधिमंडल के लिए उदार आतिथ्य के लिए अमेरिकी लोगों की प्रशंसा ज़ाहिर की।

कैबिनेट में कहा गया कि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के साथ वार्ता और उपयोगी बैठकों ने ऐतिहासिक और सामरिक द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने और विभिन्न क्षेत्रों में पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग को मजबूत करने में योगदान दिया है।

इसमें कहा गया है कि वह फ्रांस के राजकुमार की आधिकारिक यात्रा के परिणामों और राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री और अन्य अधिकारियों के साथ हो रही बैठकों में सऊदी और फ्रांस के बीच कई अहम समझौते हुए है ताकि द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने और आम चिंता के मुद्दों पर चर्चा की जा सके।

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