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मुस्लिम देशों को बचाने के लिए मैदान में उतरे एर्दोगन, पुतिन से ईरान को लेकर की बात!

इन दिनों विश्वनेता हर तरफ मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव की ही बातें कर रहे हैं, एक तरफ जहाँ कई नेताओं का ध्यान ट्रम्प द्वारा ईरानी परमाणु समझौते की डील को रद्द करने पर है तो कई नेताओं का ध्यान फिलिस्तीन-इजराइल तनाव और कई लोग सीरिया के लिए चिंतित है। मिडिल ईस्ट एक चिंता का विषय बन चूका है।

अभी कुछ ही दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2015 में ओबामा कार्यकाल में ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से अमेरिका को अलग कर दिया, जिससे कई देशों ने ट्रम्प की निंदा की तो कई देशों ने कहा की यह क्षेत्र में एक नए संकट को पैदा करेगा, हालांकि सऊदी जैसे देशों ट्रम्प का पूरा समर्थन दिया।

डेली सबाह की खबरों के अनुसार मिडिल ईस्ट में बढ़ रहे तनाव और ट्रम्प की न्यूक्लियर डील रद्द करने के बाद तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोगान ने गुरुवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से एक फ़ोन कॉल पर बातचीत की।

डेली सबाह की खबरों के अनुसार दोनों नेताओं ने सहमति व्यक्त की “कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ईरान समझौते से वापस लेने का निर्णय गलत था और दोनों ने इस बात पर जोर दिया की आम कार्य योजना एक राजनयिक सफलता थी जिसे संरक्षित किया जाना था।

ट्रम्प के परमाणु समझौते के अतिरिक्त वर्ल्ड न्यूज अरेबिया को मिली खबरों के अनुसार दोनों नेताओं ने सीरिया में बढ़ रहे तनाव की वृद्धि पर भी बातचीत की। तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान ने पुतिन को रूस का कार्यकाल फिर से सँभालने के लिए बधाइयां भी दी।

डेली सबाह की खबरों के अनुसार इससे पहले गुरुवार को, एर्दोगान ने ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी के साथ 2015 के सौदे से अमेरिकी वापसी पर चर्चा की।

मंगलवार को, ट्रम्प ने अपने देश को ऐतिहासिक परमाणु समझौते से वापस ले लिया, जिस पर 2015 में ईरान और पी 5 + राष्ट्रों के समूह (यूएन सुरक्षा परिषद और जर्मनी के पांच स्थायी सदस्यों) के बीच हस्ताक्षर किए गए थे।

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