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मुस्लिम नौजवानों को गिरफ़्तार करना फिर क्लीनचिट देना

नई दिल्ली, ०७ जनवरी (फैक्स) शाही इमाम मस्जिद फ़तेहपुरी दिल्ली मुफ़्ती मुहम्मद मुकर्रम अहमद ने मर्कज़ी हुकूमत से परज़ोर अपील की है कि मुस्लिम नौजवान तालिब-ए-इल्मों की अंधा धुंद गिरफ़्तारी पर रोक लगाई जाय और ए टी एस वग़ैरा को हिदायत दी जा

नई दिल्ली, ०७ जनवरी (फैक्स) शाही इमाम मस्जिद फ़तेहपुरी दिल्ली मुफ़्ती मुहम्मद मुकर्रम अहमद ने मर्कज़ी हुकूमत से परज़ोर अपील की है कि मुस्लिम नौजवान तालिब-ए-इल्मों की अंधा धुंद गिरफ़्तारी पर रोक लगाई जाय और ए टी एस वग़ैरा को हिदायत दी जाय कि वो मुस्लिम नौजवानों में ख़ौफ़-ओ-हिरास पैदा ना करें।

चन्दीगढ़ के मोहाली इंजीनीयरिंग कॉलिज के दो तालिब-ए-इल्मों क़मर आलम और मुहम्मद उमर अबदुल्लाह उल-वह्हाब को मोहाली पंजाब से ए टी एस मुंबई ने गिरफ़्तार किया था। उन्हें मुंबई ले जाया गया और तहक़ीक़ात करने के बाद उन्हें बेक़सूर पाया गया और क्लीन चिट दे कर वापिस पंजाब पुलिस को सौंप दिया गया। जब उन्हें गिरफ़्तार कियागया था तो इस की ख़ूब तशहीर की गई थी।

सवाल ये है कि इस तरह अंधा धुंद गिरफ़्तारी से पूरी मुस्लिम क़ौम बदनाम होती है। मुस्लिम नौजवानों का कैरीयर तबाह हो जाता है। आगे कहीं उन्हें मुलाज़मत नहीं मिलती उस की ज़िम्मेदारी किस पर है? अगर उन्हें क्लीनचिट दी जाती है रिहा किया जाता है तो इस की भी मीडीया से तशहीर होनी चाहीए और उन्हें क्लीनचिट सर्टीफ़िकेट दिया जाना चाहीए, जिन्हें अपनी मुलाज़मत के इंटरव्यू में पेश कर सकें।

ऐसे ला तादाद नौजवान हैं जिन्हें गिरफ़्तार करके शदीद ज़द्द-ओ-कूब करके उन के जिस्म बेकार करदिए गए और बदनाम करदिया गया। हुकूमत उन्हें मुलाज़मत दी, उन्हें सर्टीफ़िकेट दे और उन के मुस्तक़बिल को तारीक होने से बचाए।

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