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मुस्लिम नौजवानों में एतिमाद की बहाली के लिए मुत्तहदा कोशिशों पर ज़ोर

नांदेड़, 13 फरवरी: दहश्तगर्दी के इल्ज़ाम में मुल्क भर में होरही मुस्लिम नौजवानों की बेजा गिरफ़्तारीयों के ख़िलाफ़ हुकूमत पर अवामी सतह से दबाओ बनाने और झूटे मुक़द्दमात में फंसाए जारहे मुस्लिम नौजवानों की क़ानूनी इमदाद के लिए क़ायम की

नांदेड़, 13 फरवरी: दहश्तगर्दी के इल्ज़ाम में मुल्क भर में होरही मुस्लिम नौजवानों की बेजा गिरफ़्तारीयों के ख़िलाफ़ हुकूमत पर अवामी सतह से दबाओ बनाने और झूटे मुक़द्दमात में फंसाए जारहे मुस्लिम नौजवानों की क़ानूनी इमदाद के लिए क़ायम की गई एसोसियशन फ़ार प्रोटेक्शन आफ़ सिवल राईट्स (ए पी सी आर) तंज़ीम की शाख़ का गुज़िशता माह नांदेड़ में क़ियाम अमल में आया। तब से अरकान साज़ी का अमल जारी है।

इस सिलसिले में गुज़िशता रोज़ नई आबादी में मेंबरान की एक नशिस्त का अहम नशिस्त मुनाक़िद की गई। नशिस्त के आग़ाज़ बिरादर अबरार देशमुख ने तिलावते क़ुरआन से किया। बादअज़ां ए पी सी आर नांदेड़ की जानिब से एडवोकेट अरशद ने अपने तास्सुरात ज़ाहिर करते हुए पौने बम धमाके के मामले में नांदेड़ और औरंगाबाद से मुल्ज़िम बनाए गए मुस्लिम नौजवानों की रिहाई के हक़ में पौने की जे एम एफ सी अदालत में जारी सुनवाई की रूदाद सुनाते हुए कहा कि ए पी सी आर और दीगर मिली-ओ-समाजी तंज़ीमों की जानिब से क़ानूनी चाराजोई करते हुए इस बात की कोशिश की जा रही है कि महरूस मुस्लिम नौजवानों की ना सिर्फ़ ज़मानत पर रिहाई अमल में लाई जा सके बल्कि उन्हें बाइज़्ज़त बरी करवाया जा सके।

इस सिलसिले में क़ानूनी मामलात के तईं अवामी बेदारी भी ज़रूरी।सेक्रेटरी इकरामुद्दीन ने मख़सरन ए पी सी आर का तआरुफ़ कराते हुए कहा कि जुमा के ख़ुत्बों और अवामी मुक़ामात पर बड़े पैमाने पर शहरी हुक़ूक़ के तईं बेदारी लाने की कोशिश की जा रही है। हमारी इन कोशिशों को मज़ीद मुस्तहकम बनाने के लिए अवाम से इस में शामिल होने की अपील की।

सदर ए पी सी आर नांदेड़ एडवोकेट ग़ुलाम समदानी ने अपनी तक़रीर में कहा कि जिन मुस्लिम नौजवानों को झूटे मुक़द्दमात में फंसाया गया है वो सुन्नत‌ यूसुफ़ी अदा कररहे। लोगों को चाहिए कि वो इन नौजवानों के अफ़राद ख़ानदान से किनारा कशी इख़तियार करने के बजाय उन्हें अख़लाक़ी और समाजी सतह पर तआवुन करें।

ए पी सी आर का मक़सद मुस्लिम नौजवानों में एतिमाद और मुतवाज़िन सोच पैदा करना है। दहश्त पर क़ाबू पाने के बहाने मर्कज़ी हुकूमत की जानिब से रूबा अमल जारहे यू ए पी ए क़ानून पर तबसिरा करते हुए कहा कि ये बात तशवीशनाक है कि इस में तंज़ीमों पर पाबंदी दो साल से बढ़ाकर पाँच साल की जा रही है । इस सिलसिले में मर्कज़ी सतह पर ए पी सी आर मुसलसिल काम कररही है।

उन्होंने मज़ीद कहा कि मुस्तक़बिल क़रीब में नांदेड़ अतराफ़ के मुक़ामात पर क़ानूनी बेदारी के लिए वर्कशॉप का एहतिमाम करेंगे। यू ए पी ए के तहत मुल्क भर में 35 पाबंदी तंज़ीमों पर पाबंदी आईद है जिनमें से बमुश्किल पाँच मुस्लिम तंज़ीमें हैं। लेकिन 90 फ़ीसद मुस्लिम नौजवानों को गिरफ़्तार किया गया है।

मसला क़ानून का नहीं बल्कि क़ानून नाफ़िज़ करनेवाली एजेंसियों और मुसलमानों की लाइलमी का भी है। हम ए पी सी आर के ज़रीये क़ानून नाफ़िज़ करनेवाली एजेंसियों पर जमहूरी अंदाज़ में अख़लाक़ी और समाजी दबाओ बनाने की कोशिश कररहे हैं। साथ ही बड़े पैमाने पर मुस्लिम बस्तीयों में क़ानूनी बेदारी की कोशिश करेंगे।

इस मौक़े पर ए पी सी आर नांदेड़ की मजलिस-ए-आमला के समीर पठान, एडवोकेट अबदुलअज़ीज़, एडवोकेट अरशद और‌ मुतअद्दिद अफ़राद मौजूद थे।

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