‘मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड’ को खत्म करने की साजिश, RSS ने गैरकानूनी और इस्लाम विरोधी बताया

‘मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड’ को खत्म करने की साजिश, RSS ने गैरकानूनी और इस्लाम विरोधी बताया
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के नेता इंद्रेश कुमार का कहना है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड एक गैरकानूनी संस्था होने के साथ-साथ इस्लाम विरोधी भी है। हाल ही में फर्स्ट पोस्ट को दिए अपने एक इंटरव्यू में इंद्रेश कुमार ने कहा, “ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड एक इस्लाम विरोधी, असंवैधानिक और गैरकानूनी संस्था है। इसे कुरान शरीफ से मान्यता प्राप्त नहीं है। इस संस्था की स्थापना 1975 में हुई थी जिसका उद्देश्य मुसलमानों को गुमराह करना है।”

उन्होंने कहा “कुरान शरीफ के अनुसार, खुदा ने खुद ही तलाक को एक पाप कहा है। तीन तलाक को लेकर कुरान शरीफ में कोई संदर्भ नहीं है। प्रस्तावित की गई 90 दिन की प्रक्रिया के अनुसार, तलाक लेना एक मुश्किल कार्य बताया गया है।” इसके आगे इंद्रेश कुमार ने कहा, “ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस मुद्दे पर भारतीय मुसलमानों को केवल गुमराह करना चाहता है।

वह नहीं चाहते कि महिलाओं को उनके घर में सम्मान मिले या शादी के बाद लड़कियां शांति से अपनी जिंदगी जिएं। सुप्रीम कोर्ट भी कई सुनवाई के बाद सरकार को आदेश दे चुकी है कि इंस्टैंट ट्रिपल तलाक पर कानून बनाया जाए।”

आरएसएस नेता ने कहा, “तीन तलाक कुरान शरीफ और रसूल दोनों के ही खिलाफ है और यह कोई धार्मिक परेशानी नहीं है बल्कि एक समाजिक बुराई है। पहले भी समाजिक बुराइयों को लेकर आवाज उठाई गई है और उनमें कभी भी धर्म और जाति का मुद्दा नहीं रहा।

मैंने हजारों मुस्लिमों से बातचीत की है और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के तहत हम तीन तलाक जैसी बुराई को लेकर लोगों को जागरुक किया है। हमने मुस्लिम महिलाओं को समझाने की कोशिश की है कि आखिर क्यों तीन तलाक जैसी प्रथा पर देश में बैन लगना चाहिए।”

इसके साथ ही आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने बताया कि इस साल से गैर-सरकारी पेंशन स्कीम शुरू होगी, जिसके तहत 10 सालों तक तीन तलाक पीड़ित 100 महिलाओं को पेंशन दी जाएगी।

इसके अलावा 100 महिलाओं को उनकी बेटी की शादी करने में मदद की जाएगी। इतना ही नहीं तीन तलाक पीड़ित महिलाओं के हजार बच्चों की पढ़ाई में भी मदद की जाएगी।

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