Tuesday , September 25 2018

‘मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड’ का रुख सख्त, UCC और तीन तलाक़ पर मुहिम तेज करने की तैयारी

कोलकाता। समान नागरिक संहिता और तीन तलाक को लेकर केंद्र सरकार के रुख का विरोध कर रहा ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जल्द ही अपनी एक महत्वपूर्ण बैठक में इन दोनों मुद्दों पर आगे की रणनीति तय करेगा तथा अपने पक्ष में मुस्लिम समुदाय को लामबंद करने की मुहिम तेज करेगा। आगामी 18 और 19 नवंबर को कोलकाता में पर्सनल लॉ बोर्ड के शीर्ष पदाधिकारियों की बैठक होने जा रही है। बोर्ड 20 नवंबर को शहर के पार्क सर्कस मैदान में एक रैली भी करेगा।

प्रभात खबर के मुताबिक, बैठक की आयोजन समिति के प्रमुख और तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुलतान अहमद ने कहा, ‘पर्सनल लॉ बोर्ड की इस महत्वपूर्ण बैठक में कई मुद्दों पर बातचीत होगी। समान नागरिक संहिता और तीन तलाक के मुद्दे खासे अहम हैं। बोर्ड ने इन पर सरकार के रुख का पहले भी पुरजोर विरोध किया है तथा इस बैठक में दोनों मुद्दों पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।’ पिछले महीने विधि आयोग ने समान नागरिक संहिता सहित कुछ मुद्दों पर एक प्रश्नावली जारी की थी और इसके बाद पर्सनल लॉ बोर्ड ने इसका बहिष्कार करने का ऐलान किया था।

बोर्ड ने आरोप लगाया था कि सरकार समान नागरिक संहिता थोपकर पूरे देश को एक रंग में रंगने की कोशिश कर रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि समान नागरिक संहिता को थोपा नहीं जाएगा और इस पर विधि आयोग ने फिलहाल लोगों की राय मांगी है। बोर्ड के सदस्य कमाल फारुकी का कहना है, ‘हम सरकार, विधि आयोग या अदालत किसी के खिलाफ नहीं हैं। हम राजनीतिक संगठन नहीं हैं. हमारा सिर्फ यह कहना है कि देश के संविधान में जो धार्मिक आजादी मिली हुई है उसी के तहत हम अपने पर्सनल लॉ की आजादी चाहते हैं।

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