Saturday , December 16 2017

मुस्लिम मजलिस मुशावरत क़ौमी अक़ल्लीयती कमीशन के सदर नशीन से मुलाक़ात

क़ौमी अक़ल्लीयती कमीशन के चेयरमैन वजाहत हबीब उल्लाह ने आज यक़ीन दिलाया है कि आसारे-ए-क़दीमा की मसाजिद में नमाज़ की अदायगी की इजाज़त देने का मुआमला हुकूमत के सामने रखा जाएगा और इस सिलसिला में कोई तहरीक चलाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।

क़ौमी अक़ल्लीयती कमीशन के चेयरमैन वजाहत हबीब उल्लाह ने आज यक़ीन दिलाया है कि आसारे-ए-क़दीमा की मसाजिद में नमाज़ की अदायगी की इजाज़त देने का मुआमला हुकूमत के सामने रखा जाएगा और इस सिलसिला में कोई तहरीक चलाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।

उन्होंने ये यक़ीन दहानी राज्य सभा के मेम्बर मुहम्मद अदीब की क़ियादत में ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस मुशावरत के वफ़द से गुफ़्तगु के दौरान कराई। मिस्टर मुहम्मद अदीब ने क़ौमी अक़ल्लीयती कमीशन के चेयरमैन से ये मसला रुजू करके कहा कि मसाजिद नमाज़ पढ़ने बनाई जाती हैं और अफ़सोस ये है कि नमाज़ ना पढ़ने से उन की बेहुर्मती हो रही है। उन्होंने कहा कि मुस्लमान तवील अर्सा से इन मसाजिद में नमाज़ की अदायगी की इजाज़त की मांग कर रहे हैं लेकिन आज तक संजीदगी से ग़ौर नहीं किया गया है।मिस्टर मुहम्मद अदीब और ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस मुशावरत के जनरल सेक्रेटरी इलयास मलिक और जवाइंट जनरल सेक्रेटरी राहत महमूद चौधरी ने चेयरमैन मौसूफ़ से कहा कि अगर आसारे-ए-क़दीमा की मसाजिद में नमाज़ की इजाज़त नहीं दी जाती तो मुशावरत तहरीक चलाने पर मजबूर होगी।

चेयरमैन मौसूफ़ ने यक़ीन दिलाया कि इस मुआमला पर संजीदगी से ग़ौर करके जल्द ही इसका कोई हल तलाश किया जाएगा और आसारे-ए-क़दीमा की मसाजिद में नमाज़ की इजाज़त देने की राह में हाइल रुकावटें दौर की जाएंगी।

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