Tuesday , December 12 2017

मुस्लिम युवकों के लिए पुलिस विभाग के दरवाजे हमेशा खुले

मुंबई: मुंबई के पुलिस आयुक्त दत्ता जी पडसालगीकर ने एक बार फिर कहा है कि पुलिस बल में मुसलमानों की भागीदारी बहुत जरूरी है, उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण देने के लिए विभाग हर संभव सहयोग करेगा, हम उनकी योग्यता और क्षमता से अच्छी तरह परिचित हैं। पुलिस कमिश्नर पडसालगीकर पिछली रात पुलिस और मुस्लिम समुदाय के बीच पाई जाने वाली गलतफहमी और‌ शक आशंका को दूर करने और आपसी विश्वास बहाल करने के लिए आयुक्त से मांग किए जाने वाले जलसे में शरीक लोगों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि कुछ गलत व्यक्तिया इन बच्चों को बहकाने का काम करते हैं, लेकिन इसमें पूरे समाज को आरोपित नहीं ठहराया जा सकता है लेकिन इससे बदनामी ज़रूर होती है। उन्होंने मुस्लिम नौजवानों नशीली दवाओं के प्रयोग में वृद्धि पर भी चिंता देते हुए कहा कि इसे रोकने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा और इसके कारण सफलता मिलेगी।

अंजुमन इस्लाम सदर डायरेक्टर जहीर काजी ने कहा कि अंजुमन मुस्लिम नौजवानों की प्रशिक्षण और प्रशिक्षण के लिए हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है ताकि उन्हें पुलिस विभाग और सरकारी नौकरियों में अवसर प्रदान किए जा सकें। इस अवसर पर प्रसिद्ध समाजसेवी डायरेक्टर ने कहा कि मुस्लिम युवकों में मराठी सीखने के लिए जागरूकता पैदा करने की जरूरत है, क्योंकि मराठी कमज़ोरहोने के कारण वह पुलिस और अन्य सरकारी नौकरियों की कोशिश नहीं कर पाते हैं।

उन्होंने पुलिस कमिश्नर सकारात्मक व्यवहार प्रशंसा और कि पहली बार किसी उच्च अधिकारी ने समुदाय के बारे में बहुत सकारात्मक रवैया जाहिर किया है। पूर्व विधायक सोहेल लोखनडोला ने कहा कि 1992-93के खूनी दंगे हमने देखा है, आज पर्यावरण में जबरदस्त बदलाव आया है और‌ में अच्छे और खुले दिमाग के अधिकारी आए हैं जो पुलिस और समुदाय के बीच की खाई को पाटने की कोशिश कर रहे हैं।

फज़लानी समूह भी राष्ट्र के बच्चों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अपने नेक सुझावों से सम्मानित किया। इस अवसर पर डॉ। शेख अब्दुल्ला, मुश्ताक अंतुले, मुस्तफा पंजाबी और अन्य ने भी विचार व्यक्त किए। संयुक्त पुलिस आयुक्त देवन भारती ने भविष्य में बई पुलिस और मुसलमानों के बीच आपसी तालमेल को बैठक बुलाई जाएगी| ताकह सकारात्मक परिणाम सामने आएं और खुलकर इसी तरह बातचीत होती रहे।

TOPPOPULARRECENT