मुस्लिम युवक को बचाने वाले इंस्पेक्टर को बहादूरी का मिला ईनाम, बोले- मैं केवल मेरी ड्यूटी कर रहा था

मुस्लिम युवक को बचाने वाले इंस्पेक्टर को बहादूरी का मिला ईनाम, बोले- मैं केवल मेरी ड्यूटी कर रहा था
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भीड़ से एक मुस्लिम शख्स की जान बचाने वाले उत्तराखंड पुलिस के इंस्पेक्टर गगनदीप सिंह का कहना है कि मैं तो केवल अपनी ड्यूटी कर रहा था। रामनगर पुलिस स्टेशन में बतौर सब इंस्पेक्टर तैनात गगन सोशल मीडिया पर हीरो बने हुए हैं। उधम सिंह नगर के रहने वाले 28 पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब भीड़ ने उस जोड़े पर हमला किया तो वे गिरजा मंदिर के पास नदी के किनारे बैठे थे। गिरजा मंदिर नैनीताल जिले में रामनगर शहर से करीब 15 किमोमीटर दूर है।

उन्होंने बताया, ‘यह घटना 22 मई दोपहर करीब 12 बजे की है, जब गंगा दशहरा मनाने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पर इकट्ठा हो रहे थे। मैं मंदिर परिसर में ड्यूटी पर था, तभी मैंने लोगों का शोर सुना और देखा कि भीड़ 24 वर्षीय मुस्लिम युवक इरफान को मंदिर की तरफ ला रही है। उन्होंने नदी के किनारे उसके साथ मारपीट भी की थी। नदी का किनारा मंदिर से करीब 50 मीटर नीचे है।’

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सिंह ने बताया कि मुझे उस युवक की जान को खतरा लगा और मैं तुरंत भीड़ की तरफ बढ़ा। उन्होंने बताया, ‘मैंने मेरे शरीर का इस्तेमाल उस युवक लिए ढाल के तौर पर किया और मैं गुस्साई भीड़ से उसे दूर ले जाने की कोशिश कर रहा था।’

सिंह ने बताया कि उसी वक्त मैंने महिला इंस्पेक्टर से लड़की को मंदिर परिसर के दूसरी तरफ से दूर ले जाने के लिए कहा। हम लोग उस जोड़े को पुलिस स्टेशन ले आए, ताकि वे लोग दोबारा उन पर हमला ना कर पाएं। सिंह ने बताया, ‘हमने उनसे पूछताछ की। दोनों बालिग थे। लड़के की उम्र करीब 24 साल थी और वहीं लड़की 18 साल से ऊपर थी। कुछ समय बाद जब हम सुनिश्चित हो गए तो हम लोग ने उन्हें सुरक्षा देते हुए दूर छोड़ आए।’

पुलिस विभाग द्वारा उनकी बहादूरी के लिए 2500 रुपए का ईनाम दिए जाने पर सिंह ने कहा, ‘मैं केवल मेरी ड्यूटी कर रहा था। मैं उस गुस्साई भीड़ को इसकी मंजूरी नहीं दे सकता था कि वह उस शख्स को नुकसान पहुंचाए।’

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