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मुस्लिम यूनीवर्सिटी और जामिया मिलिया इस्लामिया के अक़िल्लीयती मौक़िफ़ पर एनडीए से रब्त

नई दिल्ली: अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी और जामिया मिलिया इस्लामिया तनाज़े पर मोदी हुकूमत पर जारिहाना तन्क़ीद में शिद्दत पैदा करते हुए अपोज़िशन पार्टीयों ने फ़ैसला किया है कि एनडीए के बाज़ हलीफ़ों से रब्त पैदा किया जाएगा जो क़ब्लअज़ीं यूपीए में शामिल थे । क्योंकि अपोज़िशन पार्लियामेंट में बजट इजलास के दौरान हुकूमत को घेरने की तैयारी कर रहा है।

कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस जेडीयू आर जेडीएन सीपीसी पीआईसी पीआईएम और आम आदमी पार्टी ने एक मुशतर्का बयान जारी करते हुए हुकूमत की तरफ‌ से अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी और जामिया मिलिया इस्लामिया  को उनके अक़िल्लीयती मौक़िफ़ से महरूम करने के इक़दाम की मज़म्मत की।

अब ये तमाम पार्टीयां एक अज़ीम-तर इत्तेहाद इस मसले पर पार्लियामेंट में पैदा करने की कोशिश कर रही हैं जबकि आइन्दा माह बजट इजलास का आग़ाज़ होगा। जेडीयू के जनरल सेक्रेटरी के सी त्यागी ने कहा कि हम एनडीए के हलीफ़ों जैसे अकाली दल तेलुगूदेशम आसाम गण परिषद पीपल्ज़ डेमोक्रेटिक पार्टी और टीआरएस को एतिमाद में लेने की भी कोशिश करेंगे।

त्यागी ने कहा कि कोशिशें इस बात को यक़ीनी बनाने पर मर्कूज़ की जाएँगी कि बजट इजलास के दौरान इस मसले को बड़े पैमाने पर उठाया जा सके ताकि हुकूमत को जामिया मिलिया इस्लामिया  और मुस्लिम यूनीवर्सिटी अलीगढ़ को अक़िल्लीयती मौक़िफ़ से महरूम कर देने की कोशिश से रोका जा सके ।

अरकान-ए-पार्लियमेंट के बयान में अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगीकी भी मज़म्मत की गई कि ये दोनों यूनीवर्सिटीयां अक़िल्लीयती इदारे नहीं हैं। अटार्नी जनरल ने हुकूमत से कहा था कि दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया अक़िल्लीयती इदारा नहीं है क्योंकि ये पार्लीमैंट के एक क़ानून के तहत क़ायम की गई है।

चंद दिन बाद उन्होंने सुप्रीमकोर्ट में भी इद्दिआ किया कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी के अक़िल्लीयती इदारा होने के बारे में कोई क़ानूनसाज़ी मौजूद नहीं है। विज़ारत बराए फ़रोग़ इन्सानी वसाइल ने वज़ारत क़ानून से इस मसले पर राय तलब की है। विज़ारत क़ानून ने अटार्नी जनरल से क़ानूनी मश्वरा तलब किया है।

उन्होंने कहा कि हुकूमत सेक्युलर मुल्क‌ में किसी अक़िल्लीयती इदारे के क़ियाम की इजाज़त नहीं दे सकती। त्यागी एक माह क़बल सदर जम्हुरिया और वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी को मकतूब रवाना कर के दिल्ली यूनीवर्सिटी के वाइस चांसलर के लिए नाम पेश कर चुके हैं । उन्होंने हुकूमत की बालादस्ती और तरीका-ए-कार‍-ओ‍-मियारों की संगीन ख़िलाफ़वरज़ी के ख़िलाफ़ एहतेजाज किया है।

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