मुस्लिम विधायकों की संख्या में वृद्धि कैसे हुई?

मुस्लिम विधायकों की संख्या में वृद्धि कैसे हुई?

हैदराबाद: मध्य प्रदेश राजस्थान और छत्तीसगढ़ में 2013 के बाद आयोजित चुनाव में मुस्लिम विधायकों की संख्या तीन से बढ़कर ग्यारह हो गई है ‘जहां कांग्रेस ने भाजपा का सफाया करते हुए सत्ता हासिल है। हाल ही में, पांच राज्यों में आयोजित पांच निर्वाचन क्षेत्रों में, पच्चीस मुसलमानों का चयन किया गया है। राजस्थान में बड़ा बदलाव रहा है, जहां विधानसभा के केवल दो सदस्य 2013 के सदन में चुने गए थे, अब संसद के मुस्लिम सदस्यों की संख्या नौ हो गई है। ठीक इसी तरह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विधायकों के लिए दो और एक मुस्लिम सदन में लाया है। जबकि यहां से 2013 में एक और शून्य संख्या थी।

राजस्थान:
कांग्रेस ने पंद्रह मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था जिसमें से सात ने जीत हासिल की। बी एस पी के टिकट पर एक मुस्लिम उम्मीदवार को जीत मिली। बी जे पी ने सचिन पायलट के मुक़ाबले साजिद ख़ान को टोंक से उम्मीदवार बनाया था जिसको हार‌ का सामना करना पड़ा। पोकर उन में कांग्रेस के उम्मीदवार शाले मुहम्मद ने बारमेर के तारा तारा तबक़े के अध्यक्ष‌ पुजारी और बी जे पी के महंत प्रताब पूरी को शिकस्त दी’उन्होंने ख़ुद को योगी अदित्य नाथ चीफ़ मिनिस्टर उत्तरप्रदेश के तरज़ पर ढाल लिया था 872 वोटों से उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा।

मध्य प्रदेश:

कई दहों के बाद सदन‌ में एक से ज्यादा मुस्लमान देखाई देंगे। नई असेम्बली के दोनों सदस्य‌ का संबंध‌ कांग्रेस से है। आरिफ़ अक़ील मुस्लिम बहुमत‌ इलाक़े भोपाल नॉर्थ से प्रतिनिधित्व‌ कर रहे हैं वो 1990 के बाद से अब तक छटी बार‌ यहां से चुने ग‌ए हैं और 2008 के अलावा 2013 में चयन‌ होने वाले अकेले मुस्लमान भी थे।

छत्तीसगढ़
वो राज्य‌ जहां पर मुस्लिम आबादी 2 प्रतिशत‌ है कांग्रेस ने मुस्लमान समाज से दो उम्मीदवार खड़ा किए और बी जे पी ने एक भी मुस्लिम उम्मीदवार खड़ा नहीं किया। इस में से कांग्रेस के उम्मीदवार मुहम्मद अकबर ने काओराधा सीट पर 59,284 की बड़ी संख्या से जीत हासिल की जबकि कांग्रेस के दौरान उम्मीदवार बदरुद्दीन क़ुरैशी को वैशाली से हार‌ का सामना करना पड़ा।

तेलंगाना
राज्य‌ की 119 सीटों पर राजनितिक दल‌ ने 26 मुस्लिम उम्मीदवारों को खड़ा किया था। ए आई एम आई एम के सात और टी आर एस पार्टी से एक मुस्लिम उम्मीदवार ने जीत दर्ज कराई। ए आई एम आई ऐम ने जहां आठ उम्मीदवार खड़ा किए थे वहीं राजिंदर नगर से टी आर एस के मुक़ाबला ए आई एम आई ऐम को शिकस्त का सामना करना पड़ा। बी जे पी ने एक मुस्लिम उम्मीदवार शहज़ादी सय्यद को चंद्रायनगुट्टा से अपना उम्मीदवार बनाया था जिसको अकबरुद्दीन उवैसी के मुक़ाबले शिकस्त का सामना करना पड़ा।

जबकि कांग्रेस ने नौ और तेलुगु देशम पार्टी ने एक मुस्लिम उम्मीदवार खड़ा किए थे सभी को शिकस्त का सामना करना पड़ा। टी आर एस पार्टी ने आठ मुस्लमानों को अपना उम्मीदवार बनाया था मगर बोधन से शकील आमिर ने ही जीत दर्ज कराई।

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