मुहज़्ज़ब ( शिष्ट) और तालीम-ए-याफ़ता ( शिक्षित) शख़्स का नामुनासिब तब्सिरा

मुहज़्ज़ब ( शिष्ट) और तालीम-ए-याफ़ता  ( शिक्षित) शख़्स का नामुनासिब तब्सिरा
औसत तबक़ा पर मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला (केंद्रीय गृह मंत्री) पी चिदम़्बरम की तन्क़ीद पर एहतिजाज करते हुए यू पी ए की अहम हलीफ़ एन सी पी के क़ाइद ( लीडर) डी पी त्रिपाठी ने कहा कि चिदम़्बरम जैसी मुहज़्ज़ब और तालीम-ए-याफ़ता शख़्सियत के लिए इस क

औसत तबक़ा पर मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला (केंद्रीय गृह मंत्री) पी चिदम़्बरम की तन्क़ीद पर एहतिजाज करते हुए यू पी ए की अहम हलीफ़ एन सी पी के क़ाइद ( लीडर) डी पी त्रिपाठी ने कहा कि चिदम़्बरम जैसी मुहज़्ज़ब और तालीम-ए-याफ़ता शख़्सियत के लिए इस किस्म का तंज़िया (व्यंगपूर्ण) तब्सिरा मुनासिब नहीं है।

वो औसत तबक़ा की ग़िज़ाई इफ़रात-ए-ज़र और दीगर ( अन्य) अशीया की क़ीमतों में इज़ाफ़ा की बिना पर हालत-ए-ज़ार पर एक प्रेस कान्फ्रेंस में सवाल का जवाब दे रहे थे जबकि जनतादल (यू) ने मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला पी चिदम़्बरम ने आइसक्रीम के बारे में मुतनाज़ा तब्सिरा और क़ीमतों में इज़ाफ़ा के बारे में उन के ब्यान पर रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करते हुए कहा कि ये सच्चाई हादिसाती तौर पर बाज़ार की ताक़तों के हामी की ज़बान से बाहर आ गई है।

यही वजह है कि उन्होंने आइसक्रीम की मिसाल की है। कितने ग़रीब आइसक्रीम खाते हैं। दरहक़ीक़त चिदम़्बरम बाज़ार की ताक़तों का दिफ़ा ( बचाव) कर रहे थे। सदर जे डी यू शरद यादव ने कहा कि उन्हें सिर्फ़ ग़िज़ाई अजनास ( खाद्व पदार्थ) और तरकारीयों की क़ीमतों के बारे में शोर-ओ-गुल पर ताज्जुब है जबकि आम आदमी के लिए ज़रूरी तमाम अशीया की क़ीमतों में बेतहाशा इज़ाफ़ा हो गया है।

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