Tuesday , December 12 2017

मुहम्मद जलालुद्दीन अकबर वक़्फ़ बोर्ड की मयाद में तौसी

हुकूमत ने मुहम्मद जलालुद्दीन अकबर आई एफ़ एस डायरेक्टर अक़लियती बहबूद की स्पेशल ऑफीसर वक़्फ़ बोर्ड की हैसियत से मयाद में तौसी करदी है।

हुकूमत ने मुहम्मद जलालुद्दीन अकबर आई एफ़ एस डायरेक्टर अक़लियती बहबूद की स्पेशल ऑफीसर वक़्फ़ बोर्ड की हैसियत से मयाद में तौसी करदी है।

इस सिलसिले में स्पेशल सेक्रेटरी अक़लियती बहबूद सय्यद उम्र जलील ने जी ओ आर टी 16 जारी किया। हुकूमत ने जलालुद्दीन अकबर की मयाद में छः माह की तौसी की है। वाज़िह रहे कि रोज़नामा सियासत ने सब से पहले हुकूमत के इस फ़ैसले के बारे में मौरर्ख़ा 6 फ़रव‌री को ख़बर शाय की थी जिस में चीफ़ मिनिस्टर की तरफ से जलालुद्दीन अकबर की मयाद में तौसी का इन्किशाफ़ किया गया।

जलालुद्दीन अकबर को 8 अगस्त 2014 को स्पेशल ऑफीसर वक़्फ़ बोर्ड की ज़ाइद ज़िम्मेदारी दी गई थी। वक़्फ़ एक्ट के तहत किसी भी स्पेशल ऑफीसर को सिर्फ़ छः माह के लिए मुक़र्रर किया जा सकता है। जलालुद्दीन अकबर की मयाद 7 फ़रव‌री को ख़त्म होरही थी। पिछ्ले 6 माह के दौरान वक़्फ़ बोर्ड की कारकर्दगी बेहतर बनाने के लिए जलालुद्दीन अकबर ने कई अहम क़दम उठाए जिस के बेहतर नताइज बरामद हुए।

हुकूमत ने उनकी कारकर्दगी से मुतास्सिर होकर मयाद में तौसीअ का फ़ैसला किया। चूँकि वक़्फ़ बोर्ड की आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तक़सीम का अमल बाक़ी है लिहाज़ा वक़्फ़ बोर्ड की तशकील के लिए भी वक़्त लग सकता है। इन हालात में वक़्फ़ बोर्ड के स्पेशल ऑफीसर के ओहदे को ख़ाली नहीं रखा जा सकता।

हुकूमत ने मौजूदा सूरते हाल का जायज़ा लेते हुए मयाद में छः माह की तौसी का फ़ैसला किया। 8 फ़रव‌री से वो छः माह तक या वक़्फ़ बोर्ड की तशकील तक इस ओहदे पर बरक़रार रहेंगे। छः माह की मुद्दत के दौरान अगर वक़्फ़ बोर्ड तशकील पाता है तो स्पेशल ऑफीसर की मयाद अज़ ख़ुद ख़त्म होजाएगी। जी ओ में कहा गया कि जलालुद्दीन अकबर डायरेक्टर अक़लियती बहबूद इस मुद्दत के दौरान वक़्फ़ एक्ट के मुताबिक़ अपने इख़्तयारात और ज़िम्मेदारीयों को निभाऐंगे।

TOPPOPULARRECENT