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मुहम्मद पहलवान ,ऑनलाइन इंटरव्यू मुक़द्दमे में बाइज़्ज़त बरी

हैदराबाद 14 अप्रैल: ऑनलाइन इंटरव्यू मुक़द्दमे में अदालत ने अपना फ़ैसला सुनाते हुए मुहम्मद बिन उम्र याफ़ई अल-मारूफ़ मुहम्मद पहलवान को बाइज़्ज़त बरी कर दिया। इस तरह एक मुक़द्दमे से उन्हें बरा॔त मिल चुकी है। वकील दिफ़ा मुहम्मद मुज़फ़्फ़र उल्लाह ख़ां शफ़ाअत सीनीयर एडवोकेट ने उसे अहम कामयाबी और इन्साफ़ की फ़तह क़रार दिया।

नामपल्ली क्रीमिनल कोर्ट के तीसरे एडिशनल चीफ़ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने अपना फ़ैसला सुनाते हुए मुहम्मद पहलवान को सीआरपीसी के दफ़ा 248(1) के तहत बेक़सूर पाए जाने पर बरी कर दिया और उनकी बरा॔त का हुक्म दिया। वाज़िह रहे कि साल 2012में आंध्र प्रदेश हाइकोर्ट की तरफ से 30 अप्रैल 2011में हुए रुकने असेंबली चंदरायनगुट्टा अकबरुद्दीन ओवैसी हमला केस में मुल्ज़िमीन की ज़मानतें मंसूख़ किए जाने पर एक वेब चैनल बर्क़ न्यूज़ ने मुहम्मद पहलवान का ऑनलाइन इंटरव्यू जारी किया और ये दावा किया था कि उन्होंने अकबरुद्दीन ओवैसी को धमकाया था।

मुतनाज़ा ऑनलाइन इंटरव्यू की बुनियाद पर मजलिसी रुकने असेंबली ने बंजारा हिलस पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज करवाई थी जिसके नतीजे में पुलिस ने मुहम्मद पहलवान के ख़िलाफ़ ताज़ीराते हिंद की दफ़ा 506 (धमकी देना) के तहत एक मुक़द्दमा जिसका क्राईम नंबर 645 है , दर्ज किया और बादअज़ां उन्हें जेल से पीटी वारंट के तहत अपनी तहवील में लेते हुए इस केस में गिरफ़्तार किया था। बंजारा हिलस पुलिस ने पहलवान के ख़िलाफ़ चार्ज शीट दाख़िल की थी और इस केस की समाअत का तीसरे एडिशनल चीफ़ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के मीटिंग पर अगस्त 2015 में आग़ाज़ हुआ था।

केस की समाअत के दौरान अकबरुद्दीन ओवैसी ने मुहम्मद पहलवान के ख़िलाफ़ अदालत में अपना बयान कलमबंद करवाया जहां पर उनके ख़िलाफ़ वकील दिफ़ा मुहम्मद मुज़फ़्फ़र उल्लाह ख़ां शफ़ाअत एडवोकेट ने जरह की थी। इस केस में वेब चैनल के रिपोर्टर मुजतबा हुसैन और बंजारा हिलस पुलिस स्टेशन के सब इंस्पेक्टर पर भी जरह की गई थी।अदालत में दिए गए अपने बयान में मुहम्मद पहलवान ने ये बताया था कि उन्हें इस मुक़द्दमा में बे-जा तौर पर माख़ूज़ किया गया और वो बेक़सूर हैं, चूँकि उन्होंने किसी भी चैनल को कोई इंटरव्यू नहीं दिया।

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