मुहम्मद फरीद उद्दीन को वाई एस आर कांग्रेस में जाने से रोकने की कोशिशें

मुहम्मद फरीद उद्दीन को वाई एस आर कांग्रेस में जाने से रोकने की कोशिशें

ज़िमनी इंतिख़ाबात (उप चुनाव)के बाद कांग्रेस पार्टी में नाराज़ क़ाइदीन को समझाने और मनाने के दौर का आग़ाज़ होगया है । डिप्टी चीफ मिनिस्टर मिस्टर दामोधर राज नरसिम्हा और रियासती वज़ीर डाक्टर जय गीता रेड्डी ने अचानक साबिक़ रियासती वज़ीर अकलियती बहबूद मिस्टर मुहम्मद फरीद उद्दीन की क़ियामगाह पहूंच गए जो सयासी हलक़ों में मौज़ू बहस बनी हुई वाई एस आर कांग्रेस पार्टी मिस्टर फरीद उद्दीन से राबते में रहने की इत्तिला है ।

उन की बहुत जल्द कांग्रेस पार्टी छोड़ने की अफवाहें गर्दिश कर रही हैं जिस से कांग्रेस पार्टी मुतहर्रिक होगई है । ये हक़ीक़त है कांग्रेस के अरकान असेंबली और पार्टी के आली क़ाइदीन कांग्रेस पार्टी में अपने आप को ना सिर्फ गैर महफ़ूज़ तसव्वुर कर रहे हैं बल्कि कांग्रेस पार्टी में बरक़रार रहने पर अवामी ताईद से महरूम होजाने का उन पर ख़ौफ़ तारी है ।

अक्सर अवामी मुंतख़ब नुमाइंदे हुकमरान पार्टी में रहते हुए सहूलतों से मुकम्मल फ़ायदा उठाना चाहते हैं दबाव डाल कर अपने अपने हलक़ों को तरक़्क़ी देने की कोशिश करते हैं लेकिन कांग्रेस में उल्टी गंगा बह रही है । कांग्रेस क़ाइदीन वाई एस आर कांग्रेस पार्टी को अपने लिये महफ़ूज़ और रोशन मुस्तक़बिल की सयासी पनाहगाह तसव्वुर कर रहे हैं । कई अरकान असेंबली और क़ाइदीन वाई एस अर कांग्रेस पार्टी से राबते में हैं और चंद क़ाइदीन से वाई एस आर कांग्रेस पार्टी राबते में है ।

1999 और 2004 मैं मुसलसल दो मर्तबा असेंबली हलक़ा ज़हीर आबाद से कांग्रेस पार्टी के टिकट पर कामयाब होने वाले मिस्टर मुहम्मद फरीद उद्दीन ने पहले जहां 5 साल अपोज़ीशन में रहे वहीं इस के बाद 5 साल हुकूमत में रहे । वज़ारत में शामिल रहे । 2009 में असेंबली हलक़ा ज़हीर आबाद पसमांदा तबक़ात के लिये मुख़तस होने के बाद कांग्रेस पार्टी हाईकमान ने उन्हें लोक सभा ज़हीर आबाद से कांग्रेस पार्टी का उम्मीदवार बनाने का फैसला किया था ताहम फरीद उद्दीन उस वक़्त के चीफ मिनिस्टर डाक्टर राज शेखर रेड्डी की ख़ाहिश पर लोक सभा के बजाय शहर हैदराबाद से असेंबली हलक़ा हिमायत नगर से मुक़ाबला किया और हार गए ।

उन्हों ने पार्टी हाईकमान को अपनी शिकस्त(हार) के लिये कांग्रेस क़ाइदीन ज़िम्मेदार होने की शिकायत की थी । हालिया दिनों में कांग्रेस पार्टी में मुस्लमानों को अहमियत ना देने पर मुहम्मद फरीद उद्दीन नाराज़ हैं । उन्हों ने गांधी भवन में ए आई सी सी मुबस्सिर मिस्टर वायलार रवी से मुलाक़ात करते हुए रियासत से दो मुस्लिम राज्य सभा के अरकान की मीआद मुकम्मल होने के बावजूद एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को दुबारा रुकन ना बनाने की शिकायत की थी और साथ ही असेंबली हलक़ाअनंत पर में पार्टी की जानिब से मुस्लिम ख़ातून को उम्मीदवार बनाने के बावजूद मुक़ामी कांग्रेस क़ाइदीन की मुस्लिम उम्मीदवार को ताईद ना मिलने और कांग्रेस को वोट क्रास होने पर भी नाराज़ है ।

जैसे ही चीफ मिनिस्टर मिस्टर एन किरण कुमार रेड्डी को सबॉक् वज़ीरमिस्टर मुहम्मद फरीद उद्दीन की पार्टी से नाराज़ रहने और वाई एस आर कांग्रेस पार्टी उन से राबिता में रहने की इत्तिला मिली उन्हों ने ज़िला मेदक की नुमाइंदगी करने वाले डिप्टी चीफ मिनिस्टर दामोधर राज नरसिम्हा और असेंबली हलक़ा ज़हीर आबाद की नुमाइंदगी करनेवाली रियासती वज़ीर डाक्टर जय गीता रेड्डी को फ़ौरी उन से मुलाक़ात करने की हिदायत दी ।

दोनों ज़हीर आबाद पहोनचकर फरीद उद्दीन से मुलाक़ात की । एन की नाराज़गी की वजह दरयाफ़त करते हुए उन्हें पार्टी में बरक़रार रहने और चीफ मिनिस्टर-ओ-सदर प्रदेश कांग्रेस कमेटी से मुलाक़ात करने का मश्वरा दिया । बावसूक़ ज़राए से पता चला है कि फरीद उद्दीन भी वाई एस कांग्रेस पार्टी के लिये हमदर्दी का गोशा रखते हैं । इस सिलसिले में रोज़नामा सियासत ने साबिक़ वज़ीर मिस्टर मुहम्मद फरीद उद्दीन से राबिता पैदा करने की कोशिश की मगर नाकाम रहे ।।

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