Monday , December 18 2017

मुहाजिरत को क़ानूनी तहफ़्फ़ुज़ दिया जाए

अक़वामे मुत्तहिदा के इदारा बराए मुहाजिरीन और बैनुल अक़वामी इदारा बराए मुहाजिरत के मुताबिक़ यूरोप पहुंचे वाले तारकीने वतन की तादाद दस लाख से तजावुज़ कर गई है। इस दौरान 3600 से ज़ाइद पनाह गुज़ीन हलाक या गुमशुदा भी हुए।

अक़वामे मुत्तहिदा के इदारा बराए मुहाजिरीन (यू एन एच सी आर) और बैनुल अक़वामी बराए मुहाजिरत (आई ओ एम) का कहना है कि 2015 के दौरान यूरोप पहुंचने वाले मुहाजिरीन और तारकीने वतन की तादाद एक मिलियन से तजावुज़ कर गई है। आलमी इदारे के मुताबिक़ इन मुहाजिरीन में से नौ लाख सत्तर हज़ार कश्तीयों के ज़रीए बहिरा रोम उबूर कर के यूरोप पहुंचे।

रिपोर्ट के मुताबिक़ दुनिया के मुख़्तलिफ़ ममालिक से ये मुहाजिरीन छः यूरोपीय ममालिक पहुंचे। तुर्की से बहीरा अजीवन उबूर कर के यूनानी जज़ीरों पर पहुंचने वाले तारकीने वतन की तादाद आठ लाख इक्कीस हज़ार से ज़ाइद रही।

आदादो शुमार के मुताबिक़ पनाह गुज़ीनों की अक्सरीयत का ताल्लुक़ शाम से है जब कि बीस फ़ीसद तारकीने वतन अफ़्ग़ानिस्तान के शहरी हैं। रवां बरस यूरोप आने वाले कुल मुहाजिरीन में सात फ़ीसद इराक़ी बाशिंदे भी शामिल हैं।

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