Wednesday , September 19 2018

मुहाजिरीन का मसअला मज़ाहिब और अक़ाइद से बालातर है – युनकर

यूरोपीय कमीशन के सरब्राह युनकर ने अपने पहले पालिसी ख़िताब में यूरोप को दर्पेश मुहाजिरीन के बोहरान से निमटने के लिए एक नया जुर्रत मंदाना मन्सूबा पेश किया है और कहा है कि मुहाजिरीन को ठहराने का कोई मुस्तक़िल निज़ाम वज़ा किया जाए।

अपने इस पहले स्टेट ऑफ़ दी यूनीयन ख़िताब में झांकलोड युनकर ने यूरोपीय यूनीयन के रुक्न मुल्कों पर ज़ोर दिया है कि वो यूनीयन की बैरूनी सरहदों पर वाक़्य मुल्कों से एक लाख साठ हज़ार मुहाजिरीन को दीगर मुल्कों में बसाने से मुताल्लिक़ किसी फ़ैसले पर जल्द अज़ जल्द और मुम्किना तौर पर अगले ही हफ़्ते मुत्तफ़िक़ हो जाएं।

एक ऐसे वक़्त में जब कि यूरोप को दूसरी आलमी जंग के बाद से मुहाजिरीन के सबसे बड़े सैलाब का सामना है, युनकर ने कहा कि यूरोपीय यूनीयन के रुक्न मुल्कों को अपनी तारीख़ी इक़दार पर नज़र रखना चाहिए।

आजकल यूरोप पहुंचने वाले मुहाजिरीन की एक बड़ी तादाद खासतौर पर शाम के तनाज़े से बच कर आने वालों की है। फ़्रांसीसी शहर एस्ट्रास बर्ग में यूरोपीय पार्लीमान से अपने ख़िताब में युनकर ने तालियों की गूंज में कहा: यूरोपीय यूनीयन के लिए ये वक़्त ख़ौफ़ज़दा होने का नहीं बल्कि जुर्रत मंदाना और फ़ैसलाकुन इक़दामात करने का है।

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