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मुहाजिरीन मसअला: यूरोपीय यूनीयन समिट बुलाई जाए – जर्मन चांसलर

जर्मन चांसलर एंजिला मीरकल ने यूरोपीय यूनीयन से मुतालिबा किया है कि वो रुक्न मुल्कों के लीडरों का सरब्राह इजलास अगले हफ़्ते के दौरान तलब करे। उन्होंने मुहाजिरीन के मुआमले पर एक मुशतर्का हल तलाश करने को वक़्त की ज़रूरत क़रार दिया।

एंजिला मीरकल ने सरब्राह इजलास तलब करने का मुतालिबा बर्लिन में एक प्रैस कान्फ़्रैंस से ख़िताब करते हुए की। मीरकल ने वाज़ेह किया कि इस समिट में मुहाजिरीन की आमद से पैदा होने वाले यूरोपीय बोहरान का एक मुशतर्का हल तलाश किया जाए।

मीरकल ने यूरोपीय यूनीयन की समिट का मुतालिबा बर्लिन में अपने ऑस्ट्रियन हम मन्सब वीरनर फ़ैमान से मुलाक़ात के बाद एक मुशतर्का न्यूज़ कान्फ़्रैंस से ख़िताब के दौरान किया। मीरकल के मुताबिक़ इस वक़्त एक इंतिहाई मुश्किल सूरते हाल के इलावा बड़े चैलेंज का सामना है और मुशतर्का कोशिशें वक़्त की ज़रूरत हैं।

इस सरब्राह इजलास के मुतालिबे में ऑस्ट्रिया के साथ स्लोवाकिया भी शामिल हो गया है। उधर जर्मन वज़ीरे दाख़िला थोमास डेमेज़ ने यूरोपीय यूनीयन से मुतालिबा किया है कि जो रुक्न रियास्तें मुहाजिरीन के बोझ में हिस्सादार बनने से कतरा रहे हैं, उन पर जुर्माना आइद किया जाए।

जर्मन वज़ीरे दाख़िला ने मुल्की नशरियाती इदारे जेड डी एफ़ को एक इंटरव्यू देते हुए कहा कि वो मुल्क जो मुहाजिरीन को पनाह देने से इंकार कर रहे हैं, वहां कुछ नहीं होगा क्योंकि मुहाजिरीन ऐसे मुल्कों से गुज़रते हुए आगे बढ़ जाएंगे और बोझ इन मुल्कों पर पड़ेगा जहां उनका पड़ाव होगा।

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