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मुज़ाकरात तो तालिबान और अफगान हुकूमत के बीच ही होगी

वाशिंगटन, 23 जून: अफगानिस्तान के सदर हामिद करजई की धमकी के बाद तालिबान के साथ अमन की मुज़ाकरात को लेकर अमेरिका के रुख में बदलाव आया है। अब उसकी ओर से कहा गया है कि अहम बातचीत तो अफगान हुकूमत और तालिबान के बीच ही होगी। सिर्फ कुछ मुद्दों

वाशिंगटन, 23 जून: अफगानिस्तान के सदर हामिद करजई की धमकी के बाद तालिबान के साथ अमन की मुज़ाकरात को लेकर अमेरिका के रुख में बदलाव आया है। अब उसकी ओर से कहा गया है कि अहम बातचीत तो अफगान हुकूमत और तालिबान के बीच ही होगी। सिर्फ कुछ मुद्दों पर अमेरिका की तालिबान के साथ अलग से बातचीत हो सकती है।

ह्वाइट हाउस के प्रेस सेक्रेटरी जे कार्ने ने जुमे को नामानिगारों से कहा कि जिस अहम बातचीत की हम ताइद कर रहे हैं वह अफगान हुकूमत और तालिबान के बीच ही होगी। करजई ने जुमेरात को धमकी दी थी कि तालिबान के साथ सीधी बातचीत शुरू करने के अमेरिकी कोशिशों की वह मुखालिफत करेंगे। अगले साल अफगानिस्तान में नाटो फौजों का मुहिम खत्म होने वाला है और अमेरिकी आफीसर तालिबान के साथ बातचीत शुरू करने को लेकर अज़्म हैं।

करजई के तब्सिरे के बाद अमेरिका ने रिश्ते सुधारने की कोशिश की है। अमेरिकी वज़ीर ए खारेजा जॉन केरी ने करजई से फोन पर बात कर उन्हें बातचीत के मेज पर आने के लिए यकीन में लेने की कोशिश किए है।

कार्ने ने कहा कि कुछ मुद्दे ऐसे हैं जिन पर अमेरिका तालिबान के साथ अलग से बातचीत करेगा। इनमें अमेरिकी फौजी सर्जेट बर्गडहल की सही सलामत वापसी भी शामिल है। एक सवाल के जवाब में कार्ने ने कहा कि हिरासत में लिए गए तालिबान लड़ाकों को ग्वांतानामो बे से मुंतकिल करने के बारे में अमेरिका की ओर से कोई फैसला नहीं लिया गया है। लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि जब भी बातचीत शुरू होगी तालिबान इस मुद्दे को उठाएगा।

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