Thursday , December 14 2017

मुज़ाहिरे पर अ़डे इमरान, रेड जोन की सेक्युरिटी फौज के हवाले

वज़ीर ए आज़म नवाज शरीफ के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना दे रहे पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के चीफ इमरान खान इस्लामाबाद के रेड जोन यानी ममनूअ इलाको की तरफ मार्च करने के ऐलान को देखते हुए हुकूमत ने मंगल के रोज़ रेड जोन की सेक्युरिटी

वज़ीर ए आज़म नवाज शरीफ के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना दे रहे पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के चीफ इमरान खान इस्लामाबाद के रेड जोन यानी ममनूअ इलाको की तरफ मार्च करने के ऐलान को देखते हुए हुकूमत ने मंगल के रोज़ रेड जोन की सेक्युरिटी फौज को सौंप दी। पाकिस्तान सरकार ने उन अफवाहों को भी गलत ठहराया जिसमें कहा जा रहा है कि शरीफ मुखालिफ मुज़ाहिरा के पीछे फौज का हाथ है।

वज़ीर ए दाखिला चौधरी निसार अली खान ने मंगल के रोज़ ऐलान किया कि कि फौज को वफाकी दारुल हुकूमत के सेंसिटिव रेड जोन की सेक्युरिटी का भार सौंप दिया गया है। उन्होंने शरीफ मुखालिफ मुज़ाहिरों में फौज का हाथ होने के मुताल्लिक अफवाहों की तरदीद भी की।

रेड जोन में पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट, संसद भवन, वज़ीर ए आज़म और सदर के दफ्तर मौजूद हैं। डॉन आनलाइन के मुताबिक , इमरान की पीटीआई और पाकिस्तान आवामी तहरीक (पीएटी) ने वक़ाफी दारुल हुकूमत के कांस्टीट्यूशन एवेन्यू की तरफ मार्च करने की धमकी दी है जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

वज़ीर ने कहा, “”आईन के आर्टिकल 131 और 245 के तहत अंदरूनी सेक्युरिटी का मसला पैदा होने पर फौज को तैनात करने की इज़ाज़त दी गई है।””

यहां एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा, “”हमने किसी सियासी पार्टी के खिलाफ फौज को नहीं बुलाया है। यह रेड जोन की सेक्युरिटी के लिए उठाया गया कदम है। रेड जोन की सेक्युरिटी हमारी बैनुल अक्वामी जवाबदेही है जिसे हमें पूरा करना है। फौज आइनी तौर पर अंदरूनी सेक्युरिटी की जवाबदेही निभायगी ।”” इससे पहले पीटीआई चीफ इमरान ने पीर की रात एक रैली में कहा, “”दुनिया पाकिस्तानी जनता की ताकत देखेगी।”” उन्होंने कहा कि मार्च किसी भी कीमत पर होगा और सभी सेक्युरिटीइ घेरे तो़डते हुए आगे बढ़ेगा। गौरतलब है कि हुकूमत ने इमरान और पाकिस्तान अवामी तहरीक (पीएटी) के सरबराह ताहिर-उल-कादरी को बातचीत की पेशकश की थी, लेकिन इन दोनों ही लीडरों ने इस पेशकश को ठुकरा दिया है।

इमरान की कियादत में सरकार मुखालिफ मार्च जुमेरात के रोज़ लाहौर से शुरू हुआ और करीब 36 घंटे बाद मार्च में शामिल लोग इस्लामाबाद पहुंचे। पीटीआई लीडर नवाज के इस्तीफे और फिर से पार्लीमानी इंतेखाबात कराने की मांग कर रहे हैं।

मौलाना कादरी ने भी नवाज के खिलाफ इस्लामाबद में रैलियां की हैं।

वज़ीर ए दाखिला चौधरी निसार अली खान ने मंगल के रोज़ उन इम्कानो को भी गलत ठहराया जिसमें कहा गया है कि वज़ीर ए आज़म नवाज शरीफ से इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे मुज़ाहिरे के पीछे फौज का हाथ है। डॉन आनलाइन के मुताबिक, वज़ीर ए दाखिला ने कहा, “”मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कहना चाहूंगा कि पाकिस्तान की फौज का इस खेल में कोई हाथ नहीं है।”” मुसल्लह अफ्वाज़और कानून पर अमल कराने वाली एजेंसियों के साथ एक घंटे तक चली बैठक के बाद वज़ीर ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि वक़ाफी दारुल हुकूमत की सेक्युरिटी को तीन सतही ( three-tier) बनाने का फैसला लिया गया है।

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